जोधपुर, 19 नवंबर
Rajasthan Highcourt ने खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान करते हुए बड़ा आदेश पारित किया है।
Highcourt ने खनन विभाग द्वारा वाहन पर लगाए गए जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जमा कराने पर अंतरिम तौर पर वाहन रिहा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने यह आदेश डूंगरपुर निवासी भाव्या डामोर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विभाग ने लगाया ₹5.30 लाख जुर्माना
डूंगरपुर निवासी याचिकाकर्ता भाव्या डामोर का वाहन खनन विभाग ने कार्रवाई के दौरान जब्त कर लिया था और उस पर ₹5,30,276 का जुर्माना लगाया था।
याचिकाकर्ता की ओर से Highcourt में पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता जुर्माना जमा करने को तैयार है, लेकिन उसे एकमुश्त राशि भरना संभव नहीं है।
अधिवक्ता ने जुर्माना जमा करने में चरणबद्ध राहत प्रदान करने का अनुरोध किया।
हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश
याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई दलीलों पर Highcourt ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि यदि वह आज से दो माह के भीतर कुल जुर्माने की 50% राशि, यानी ₹2,65,138, जमा कर देता है, तो खनन विभाग को उसका वाहन तुरंत रिहा करना होगा।
Highcourt ने इसके साथ ही सशर्त आदेश दिया कि याचिकाकर्ता लिखित आश्वासन देगा कि वह शेष राशि दो समान किस्तों में – प्रत्येक किस्त ₹1,32,569 — 05 मार्च 2026 तक जमा कर देगा।
उल्लंघन पर कार्रवाई
Highcourt ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता निर्धारित समयसीमा में शेष राशि जमा करने में विफल रहता है, तो खनन विभाग कानूनी प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
Highcourt ने यह भी कहा कि वाहन रिहा होने के बाद याचिकाकर्ता को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
सरकार को नोटिस
मामले में Rajasthan Highcourt ने राज्य सरकार, खनन विभाग और संबंधित खनन अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
Highcourt ने सरकार को यह स्पष्ट करने का आदेश दिया है कि खनन विभाग द्वारा जब्त किए जाने वाले वाहनों की रिहाई के संबंध में विभाग की नीति और प्रक्रिया क्या है।