श्रीनगर में दिखी अभूतपूर्व भव्यता, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला भी रहे मौजूद
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के 39वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी का शपथग्रहण समारोह कई मायनों में बेहद खास और यादगार रहा।
श्रीनगर में आयोजित इस भव्य समारोह में देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट के 20 से अधिक सिटिंग जज और सैकड़ों अधिवक्ता शामिल हुए।
समारोह में न्यायपालिका, बार, प्रशासन और राजनीतिक जगत की बड़ी हस्तियों की मौजूदगी ने इसे असाधारण बना दिया।

समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों की बड़ी संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कार्यक्रम स्थल में दो बार बदलाव तक करना पड़ा।
अंततः जिस भव्यता के साथ समारोह आयोजित हुआ, उससे साफ नजर आया कि जस्टिस भाटी के शपथग्रहण को लेकर न्यायिक और कानूनी जगत में किस स्तर का उत्साह था।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला- पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला तक पहुंचे
जस्टिस पी.एस. भाटी के शपथग्रहण समारोह में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के साथ शामिल हुए।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के सभी सिटिंग जज, न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और बार से जुड़े कई प्रमुख लोग भी समारोह में मौजूद रहे।
राजनीतिक नेतृत्व से लेकर न्यायपालिका और बार तक की इस व्यापक मौजूदगी ने समारोह को और खास बना दिया।

शपथग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी एस भाटी को बधाई भी दी

शपथ से पहले मां का आशीर्वाद
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी के लिए यह अवसर जितना संवैधानिक और न्यायिक रूप से महत्वपूर्ण था, उतना ही भावनात्मक भी।
बुधवार को शपथग्रहण समारोह के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया और उनसे गले मिले।
मां ने भी बेटे को शपथग्रहण के लिए रवाना करने से पहले उनकी आरती उतारी, तिलक लगाया और आशीर्वाद दिया।
यह भावुक क्षण कैमरे में भी कैद हुआ और समारोह से पहले का यह पारिवारिक दृश्य पूरे आयोजन के सबसे खास पलों में शामिल रहा।
मां का आशीर्वाद लेने के बाद जस्टिस भाटी ने अपनी पत्नी डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी, बहन एएसजी ऐश्वर्या भाटी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ समय बिताया।
और शपथ के बाद भी मां आशीवार्द
शपथग्रहण समारोह समाप्त होने के साथ ही जस्टिस पी एस भाटी मंच से सीधे नीचे आए और अपनी मां के पांव छूकर आशीवार्द लिया.
उसके बाद वे कई मिनटो तक अपनी मां गले लगे रहे जैसे कह रहे हो, देखो सब कुछ ठीक हुआ ना मां…
परिवार के 40 से ज्यादा सदस्य बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी के शपथग्रहण समारोह में उनके परिवार के 40 से अधिक सदस्य शामिल हुए। राजस्थान, दिल्ली और मध्यप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों से परिवार के सदस्य श्रीनगर पहुंचे और इस महत्वपूर्ण अवसर के साक्षी बने।

समारोह में उनकी माताजी सरोजनी चौहान, पिता ग्रुप कैप्टन करणसिंह भाटी, बहन एएसजी ऐश्वर्या भाटी, पत्नी डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
परिवार के सदस्यों में चित्रांगदा सिंह, चन्द्रगुप्त सिंह, सुनीता सिंह, मानवेन्द्र सिंह, अनिरुद्ध सिंह, अभिजीत सिंह, माधव, केशव डॉ वीनीश गर्ग और आदित्य गर्ग सहित अन्य परिजन शामिल रहे।

परिवार के सदस्यों ने इस ऐतिहासिक अवसर से पहले साथ में फोटो भी खिंचवाए। परिवार के लिए यह पल इसलिए भी विशेष था क्योंकि परिवार का एक सदस्य देश की महत्वपूर्ण हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहा था।

समारोह में खासतौर से शामिल होने के लिए सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता की पत्नी सुमन मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की पत्नी सुमन बिश्नोई भी शामिल हुई.
परिवार सहित पहुंचे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी के शपथग्रहण समारोह में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की मौजूदगी भी खास आकर्षण का केंद्र रही।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ अपने परिवार निविरित्ति कुमारजी मेवाड़, संगीता सिंह देव, सुजाता कल्याणी चौहान के साथ मंगलवार को ही श्रीनगर पहुंच गए थे और बुधवार को आयोजित भव्य शपथग्रहण समारोह में परिवार सहित शामिल हुए।
समारोह के बाद उन्होंने जस्टिस पी.एस. भाटी से मुलाकात कर उन्हें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेने पर विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं दीं।

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के 4 पूर्व मुख्य न्यायाधीश
शपथग्रहण समारोह की एक खासियत जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व जजों की मौजूदगी भी रही.
लंबे समय किसी कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी. ए. खान, जस्टिस मंसूर अहमद मीर, जस्टिस मोहम्मद याकूब मीर औरव जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे एक साथ नजर आए.
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस राशिद अली डार भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
गुरु, जज, दोस्त और जूनियर्स-सब पहुंचे श्रीनगर
जस्टिस पी.एस. भाटी के शपथग्रहण समारोह में केवल वर्तमान न्यायाधीश ही नहीं, बल्कि उनके न्यायिक और पेशेवर जीवन से जुड़े पुराने साथी, गुरु, मित्र और जूनियर्स भी बड़ी संख्या में पहुंचे।
समारोह में देश के चार हाईकोर्ट से 22 से अधिक सिटिंग जजों की मौजूदगी रही।

राजस्थान हाईकोर्ट से जस्टिस इन्द्रजीत सिंह, जस्टिस अरुण मोंगा, जस्टिस विनीत माथुर, जस्टिस कुलदीप माथुर, जस्टिस अशोक कुमार जैन, जस्टिस सुनील बेनीवाल, जस्टिस मुकेश राजपुरोहित, जस्टिस संदीप शाह और जस्टिस रवि चिरानिया सहित कई न्यायाधीश समारोह में शामिल हुए।

राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों में जस्टिस के.एस. अहलुवालिया और जस्टिस निर्मलजीत कौर भी विशेष रूप से समारोह में मौजूद रहीं।

इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोविंद माथुर और दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस दिनेश मेहता भी श्रीनगर पहुंचे।

राजस्थान बार काउंसिल कई सदस्य भी समारोह में शामिल हुए, जस्टिस अशोक कुमार जैन के साथ मौजूद बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के निवर्तमान चेयरमैन भुवनेश शर्मा, बार काउंसिल सदस्य एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर, सुरेंद्र सिंह नरूका, सज्जन सिंह राठौड़, महावीर बिश्नोई, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा एवं घनश्याम सिंह राठौर के साथ अधिवक्ता शैलेश प्रकाश शर्मा, माधव मित्रा और श्याम पालीवाल मौजूद रहे।
1991 से साथ चले 12 दोस्त, श्रीनगर में भी निभाई दोस्ती
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी के शपथग्रहण समारोह में उनके 12 पुराने दोस्त भी खास तौर पर शामिल हुए।
इन दोस्तों का साथ केवल व्यक्तिगत दोस्ती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पेशेवर जीवन की शुरुआत भी लगभग एक साथ हुई थी।
साल 1991 में जोधपुर के लॉ कॉलेज से डिग्री हासिल करने के बाद इन सभी ने एक साथ वकालत के क्षेत्र में कदम रखा था। इसके बाद इन दोस्तों ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ जीवन के कई महत्वपूर्ण पड़ाव भी साथ देखे।

इनमें राजस्थान हाईकोर्ट लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत, जस्टिस विनीत माथुर, जस्टिस कुलदीप माथुर, सीनियर एडवोकेट धीरेन्द्र सिंह चंपावत, तीर्थराज सिंह सोढ़ा, पंकज मेहता, सीनियर एडवोकेट मनीष सिसोदिया, सी.एस. कोटवानी, ओम जोशी, विजय जैन, डॉ दिनेश पाल सिंह और दिलीप सिंह राजवी सहित अन्य पुराने साथी शामिल रहे।
जस्टिस पी.एस. भाटी ने अपने इन दोस्तों का उल्लेख अपने संदर्भ में भी किया और उनके योगदान के लिए आभार जताया। श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने अपने पुराने साथियों को विशेष तौर पर धन्यवाद दिया।
इन दोस्तों के साथ जस्टिस भाटी ने देश-विदेश की यात्राओं से लेकर जीवन के कई मुश्किल दौर तक साथ बिताए हैं।

जोधपुर से श्रीनगर तक-दोस्ती के 35 साल बाद फिर एक साथ
जोधपुर के लॉ कॉलेज से शुरू हुआ दोस्तों का यह सफर अब श्रीनगर के ऐतिहासिक शपथग्रहण समारोह तक पहुंचा।
करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे इस सफर में कोई न्यायपालिका में पहुंचा, कोई वरिष्ठ अधिवक्ता बना तो किसी ने बार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। लेकिन दोस्ती का रिश्ता कायम रहा।
शपथग्रहण समारोह में इन पुराने दोस्तों की मौजूदगी इस बात का प्रतीक रही कि जस्टिस भाटी की पेशेवर यात्रा में रिश्तों और मित्रता की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

पूरे राजस्थान से पहुंचे अधिवक्ता
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी के शपथग्रहण समारोह में राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में अधिवक्ता श्रीनगर पहुंचे।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ से जुड़ी हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीपसिंह उदावत, महासचिव अरूण झांझड़िया वही एडवोकेट एसोसिशन के पूर्व महासचिव रतनाराम ठोलिया सहित कई सदस्य भी पहुंचे
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ से ही 100 से अधिक अधिवक्ताओं के समारोह में शामिल होने की जानकारी सामने आई।
वहीं राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ से करीब 30 अधिवक्ता श्रीनगर पहुंचे।
राजस्थान से इतनी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं का जम्मू-कश्मीर पहुंचना भी इस समारोह की विशेषता रही।

राजस्थान की न्यायिक बिरादरी का श्रीनगर में दिखा एकजुट चेहरा
जस्टिस भाटी के शपथग्रहण समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, पूर्व न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार पदाधिकारियों और पुराने मित्रों की मौजूदगी ने राजस्थान और जम्मू-कश्मीर की न्यायिक बिरादरी के बीच मजबूत संबंधों की झलक भी दिखाई।

श्रीनगर में आयोजित समारोह में राजस्थान की बड़ी मौजूदगी यह बताने के लिए काफी थी कि जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की न्यायिक यात्रा केवल एक पद तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके साथ जुड़े रिश्ते इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रीनगर तक पहुंचे।
27 सिटिंग जज, 5 पूर्व सीजे और 4 पूर्व जज
शपथग्रहण् समारोह की यह भी खासियत रही देशभर के 5 हाईकोर्ट के 27 सिटिंग जज शामिल हुए वही 5 पूर्व मुख्य न्यायाधीशा और 4 पूर्व न्यायाधीश शामिल हुए.
राजस्थान हाईकोर्ट – जस्टिस इन्द्रजीत सिंह, जस्टिस अरुण मोंगा, जस्टिस विनीत माथुर, जस्टिस कुलदीप माथुर, जस्टिस अशोक कुमार जैन, जस्टिस मुकेश राजपुरोहित, जस्टिस सुनील बेनीवाल, जस्टिस संदीप शाह, जस्टिस रवि चिरानिया मौजूद, पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर, पूर्व जज जस्टिस के एस अहलुवालिया शामिल हुए.
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट- सीनियर मोस्ट जज जस्टिस संजीव कुमार, जस्टिस सिंधु शर्मा, जस्टिस राजनेश ओसवाल, जस्टिस संजय धर, जस्टिस मोहम्मद अकरम चौधरी, जस्टिस राहुल भारती, जस्टिस मोक्ष खजूरिया काजमी, जस्टिस वसीम सादिक नरगल, जस्टिस राजेश सेखरी, जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी, जस्टिस संजय परिहार, जस्टिस शहजाद अजीम समारोह में मौजूद रहे.
दिल्ली हाईकोर्ट- जस्टिस दिनेश मेहता सपत्निक पत्नी रिचा मेहता, जस्टिस वासुदेव सांब्रे, जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव समारोह में शामिल हुए.
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट –जस्टिस एन. एस. शेखावत, जस्टिस कुलदीप तिवारी, पूर्व जज जस्टिस हरनरेश सिंह गिल
इलाहाबाद हाईकोर्ट – जस्टिस बृज राज सिंह, पूर्व चीफ जस्टिस गोविंद माथुर समारोह में शामिल हुए.
एक शपथ, कई तस्वीरें और यादों से भरा ऐतिहासिक दिन
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी का शपथग्रहण केवल संवैधानिक पद संभालने का औपचारिक अवसर नहीं रहा। यह दिन परिवार, न्यायपालिका, बार, दोस्तों और पुराने साथियों के मिलन का भी अवसर बन गया।

मां का आशीर्वाद लेने से लेकर शपथग्रहण मंच तक पहुंचने, परिवार के साथ फोटो सेशन, देशभर से आए न्यायाधीशों से मुलाकात, पुराने दोस्तों के साथ तस्वीरें और राजस्थान से पहुंचे सैकड़ों अधिवक्ताओं की मौजूदगी—हर तस्वीर इस ऐतिहासिक दिन की अलग कहानी कहती नजर आई।

श्रीनगर में जस्टिस पी.एस. भाटी का शपथग्रहण समारोह इसलिए भी याद रखा जाएगा कि इसने न्यायिक गरिमा के साथ-साथ रिश्तों, मित्रता और परिवार की भावनाओं को भी एक ही मंच पर ला दिया।