जयपुर। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर में रविवार सुबह भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
“स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

हाईकोर्ट के सत्यमेव जयते भवन के कॉरिडोर में सुबह 7 बजे से 8 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं यौगिक क्रियाएं करवाई गईं।
इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए नियमित योगाभ्यास को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की गई।

योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर : जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल
योगाभ्यास के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग न केवल तनाव को कम करता है, बल्कि शरीर और मन को निरोग बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की एक समग्र प्रक्रिया है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है योग : जस्टिस सुदेश बंसल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सुदेश बंसल ने कहा कि योग दिवस भले ही एक दिन के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य योग को हर व्यक्ति के दैनिक जीवन से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, जिससे कार्यक्षमता, एकाग्रता और निर्णय क्षमता में सकारात्मक वृद्धि होती है।
जस्टिस बंसल ने बताया कि माननीय मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार राज्य की सभी जिला एवं अधीनस्थ अदालतों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि योग का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।
उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तथा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपनी दैनिक जीवनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

न्यायपालिका और बार ने दिया स्वास्थ्य का संदेश
योग कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल, जस्टिस सुदेश बंसल, जस्टिस शुभा मेहता, जस्टिस सी.पी. श्रीमाली, जस्टिस संदीप तनेजा, जस्टिस रवि चिरानिया, जस्टिस संगीता शर्मा सहित कई न्यायाधीशों ने भाग लिया।

वहीं रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा, पीपीएस अजय सिंह, रजिस्ट्रार (न्यायिक) प्रवीण कुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार (रिट्स) शिल्पा समीर, रजिस्ट्रार (प्रशासन) मीनाक्षी शर्मा, प्रशांत चौधरी, अंकित परिहार सहित अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम में जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली, जस्टिस बिपिन गुप्ता, जस्टिस अनुरूप सिंघी सहित अन्य न्यायाधीशों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा रजिस्ट्रार (सतर्कता) अनिल बेनीवाल सहित हाईकोर्ट के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल, महासचिव दीपेश शर्मा तथा अन्य पदाधिकारियों ने भी योगाभ्यास कर योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
तुलसी का पौधा भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर राजस्थान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा ने योग कार्यक्रम में शामिल सभी न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान तुलसी का पौधा भेंट कर किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन के संदेश को भी बल मिला।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ न्यायपालिका द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता का भी प्रभावशाली उदाहरण बना।

बार अध्यक्ष और महासचिव के साथ ही अधिवक्ता अंशुमान सक्सेना, अशोक यादव, सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहें.

कार्यक्रम में हाईकोर्ट के मनीष भारद्वाज, ऋतुराज शर्मा, बजरंग शर्मा, वीरेन्द्र यादव, महेश शर्मा, शाकिर अहमद, अशोक यादव, राजेन्द्र शर्मा विवेक भट्ट सहित कई कर्मचारी भी मौजूद रहें

