जयपुर, 12 सितम्बर 2025
जयपुर जिला कि अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश क्रम संख्या 1 कि जज स्वाती चौधरी ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण भूमि विवाद मामले में फैसला सुनाते हुए परिवादी महिला के पक्ष में फैसला सुनाया हैं.
मामला वर्ष 2010 में हुए एक जमीन के बेचान से जुड़ा था.
परिवादीया महिला ने दावा किया कि उसने जयपुर के बस्सी तहसील के सिल्ली गांव स्थित कृषि भूमि के 1/5 हिस्से की खरीद के लिए प्रतिवादी को 2 लाख की पूरी रकम चुका दी थी.
जमीन की किमत देने के बावजूद प्रतिवादी ने रजिस्ट्री कराने और कब्जा सौंपने से इंकार कर दिया.
अदालत ने गवाहों की गवाही, लिखित साक्ष्य और स्टाम्प पेपर पर किए गए समझौते को वैध मानते हुए माना कि बिक्री अनुबंध वास्तविक था.
अदालत ने प्रतिवादी को आदेश दिया कि वह भूमि का रजिस्ट्रीकरण वादी के नाम करवाए और कब्जा सौंपे.
इसके साथ ही अदालत ने प्रतिवादी को वादी के खिलाफ किसी भी तरह की बाधा डालने से रोकते हुए स्थायी निषेधाज्ञा (Permanent Injunction) जारी करने के आदेश दिए हैं.
कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों के निपटारे में एक महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा।