जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के मतदान केन्द्र पर हुई अनियमितता के बाद चुनाव कमेटी ने केवल जयपुर हाईकोर्ट के पोलिंग बूथ पर चुनाव रद्द कर दिए हैं.
राजस्थान हाईकोर्ट परिसर स्थित मतदान केंद्र पर हुई कथित अनियमितताओं के बाद बार काउंसिल चुनाव समिति ने बड़ा निर्णय लेते हुए जयपुर हाईकोर्ट में हुए मतदान को रद्द कर दिया है।

मतदान प्रक्रिया के दौरान कई प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आईं।
आरोप हैं कि मतदान केंद्र के भीतर अनुशासनहीनता रही, उम्मीदवारों द्वारा खुलेआम वोट मांगने जैसी घटनाएं भी हुईं, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।
इन परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव समिति ने केवल जयपुर हाईकोर्ट के मतदान को निरस्त करने का फैसला लिया।
लगता है चुनाव कराने ही नहीं चाहते
इस घटनाक्रम पर वी.एस. दवे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चुनाव रद्द किए जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे “प्रक्रिया की बड़ी नाकामी” बताया।
लॉज एंड लीगल्स से बातचीत में जस्टिस दवे ने कहा कि, “हम जैसे कई वरिष्ठ लोग लंबे समय तक लाइन में खड़े होकर मतदान करने पहुंचे, लेकिन बाद में पता चला कि चुनाव ही रद्द कर दिए गए। यह बेहद निराशाजनक है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटनाएं वकीलों के लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। “यदि इस प्रकार बार-बार चुनाव रद्द होते रहे, तो लोगों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठ जाएगा,” उन्होंने चेतावनी दी।
उधर, चुनाव रद्द होने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जयपुर हाईकोर्ट में दोबारा मतदान कब और किन व्यवस्थाओं के तहत कराया जाएगा।
वकीलों का कहना है कि अगली बार चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
इस पूरे मामले ने न केवल बार काउंसिल चुनाव की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाया है, बल्कि चुनाव प्रबंधन और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।