आपात बैठक में दोनों बार एसोसिएशनों का बड़ा फैसला, नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति और टार्गेटेड केस सिस्टम के आदेश वापस होने के बाद आंदोलन में आया निर्णायक मोड़
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में पिछले एक सप्ताह से जारी अधिवक्ताओं की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है।
रविवार देर शाम दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की अहम बैठक में हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बन गई।
अब सोमवार से राजस्थान हाईकोर्ट में नियमित रूप से न्यायिक कार्य किया जाएगा।
हालांकि, अधिवक्ताओं ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्तमान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की अदालत का स्वैच्छिक रूप से कार्य बहिष्कार जारी रखने का फैसला किया है।
इस फैसले के साथ ही जोधपुर में चल रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन एक नए और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
हड़ताल खत्म, लेकिन बहिष्कार जारी
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों में शामिल राजस्थान हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि टार्गेटेड केस सिस्टम से जुड़े आदेश भी वापस लिए जा चुके हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए दोनों बार एसोसिएशनों ने व्यापक हड़ताल को आगे जारी नहीं रखने का निर्णय लिया।
इसके तहत सोमवार से अधिवक्ता अन्य अदालतों में नियमित रूप से कार्य करेंगे।
लेकिन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की अदालत में अधिवक्ताओं ने स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
सोमवार को नए मुख्य न्यायाधीश का शपथग्रहण
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश का शपथग्रहण समारोह आयोजित होने जा रहा है।
इसके साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी का विदाई संदर्भ समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
जस्टिस पी. एस. भाटी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
ऐसे में सोमवार का दिन राजस्थान के न्यायिक जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक सप्ताह के आंदोलन के बाद बड़ा फैसला
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से जुड़े मुद्दे और टार्गेटेड केसों के निस्तारण को लेकर शुरू हुआ अधिवक्ताओं का आंदोलन पिछले एक सप्ताह से लगातार जारी था।
अधिवक्ताओं की मांगों के बाद टार्गेटेड केस सिस्टम से संबंधित आदेश वापस लिए जा चुके हैं, वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति भी हो गई है।
इन दोनों महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बाद अधिवक्ता समुदाय के सामने हड़ताल की दिशा को लेकर नई परिस्थितियां बनीं।
रविवार शाम बुलाई गई आपात बैठक में लंबी चर्चा के बाद हड़ताल समाप्त करने और सोमवार से नियमित कामकाज शुरू करने पर सहमति बनी।
सोमवार से हाईकोर्ट में सामान्य कामकाज
सोमवार से राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में नियमित कामकाज शुरू होने की उम्मीद है।
राजधानी जयपुर में राजभवन में आयोजित होने वालो नए मुख्य न्यायाधीश के शपथग्रहण समारोह और जस्टिस पी. एस. भाटी के विदाई संदर्भ के बीच अधिवक्ताओं के इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक सप्ताह तक चली हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत के बहिष्कार के फैसले ने साफ कर दिया है कि अधिवक्ताओं का विरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है
बार एसोसिएशनों का दो टूक फैसला
दोनों बार एसोसिएशनों के इस निर्णय से साफ है कि अधिवक्ता अब सामान्य न्यायिक कार्यों में लौटेंगे, लेकिन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत के बहिष्कार को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।
यानी, जोधपुर में अधिवक्ताओं की सामूहिक हड़ताल भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
नजरें रहेंगी ACJ की कोर्ट पर
जोधपुर मुख्यपीठ में अधिवक्ताओं द्वारा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट का बहिष्कार करने से अब सभी की नजरें जयपुर पीठ में होने वाली सुनवाई पर आ गयी हैं.
गौरतलब हैं कि पिछले एक सप्ताह में बार बार रोस्टर में बदलाव के साथ ही लगातार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की सिटिंग में भी बदलाव किया गया.
रविवार को जारी हुई मुकदमों की वादसूची में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला. सोमवार को सूचीबद्ध कुछ महत्वपूर्ण मामलों में ऐनवक्त पर बदलाव किए गए हैं, जिसके बाद इन मामलों की सुनवाई को लेकर नई स्थिति बन गई है।
पहले जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की डिवीजन बेंच के समक्ष सूचीबद्ध कुछ महत्वपूर्ण मामलों में बदलाव किया गया है। वहीं जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस आशुतोष कुमार की डिवीजन बेंच से भी कई मामले हटाए गए हैं।
अब ACJ की डिवीजन बेंच करेगी सुनवाई
सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट में किए गए बदलाव के बाद इन मामलों की सुनवाई अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की डिवीजन बेंच के समक्ष होगी।
सोमवार की कॉज लिस्ट में अचानक किए गए इन बदलावों को लेकर हाईकोर्ट के न्यायिक और अधिवक्ता गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। मामले की संवेदनशीलता और हाल के दिनों में राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़े घटनाक्रमों के बीच इन बदलावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सोमवार पर टिकी न्यायिक जगत की नजरें
जोधपुर के अधिवक्ताओं द्वारा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट का बहिष्कार जारी रखने के बीच एक ओर सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट में महत्वपूर्ण मामलों की बेंच बदली गई है, तो दूसरी ओर नए मुख्य न्यायाधीश के संभावित शपथग्रहण को लेकर तैयारियां और चर्चाएं तेज हैं।
ऐसे में सोमवार का दिन राजस्थान हाईकोर्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सोमवार को सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट के तहत होने वाली सुनवाई और नए मुख्य न्यायाधीश के शपथग्रहण को लेकर क्या आधिकारिक घटनाक्रम सामने आता है।
फिलहाल, कॉज लिस्ट में ऐनवक्त पर हुए बदलाव ने राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायिक गलियारों में नई बहस और चर्चाओं को जन्म दे दिया है।