दुर्व्यवहार पर राजस्थान हाईकोर्ट का कड़ा रुख: स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को लगाई फटकार, IPS अधिकारी करेंगे मामले की जांच
जोधपुर, 2 दिसंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर के अधिवक्ता के साथ मारपीट के मामले में दिखाई सख्ती और वकीलों के विरोध के बाद कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने के SHO और रीडर को सस्पेंड कर दिया है।
सोमवार शाम को पुलिस थाने में वकील भरतसिंह राठौड़ के साथ हुए दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की के बाद से ही अधिवक्ता लगातार विरोध कर रहे थे।
दुर्व्यवहार के विरोध में बड़ी संख्या में वकील आज सुबह से ही कुड़ी भगतासनी थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन से थाने के बाहर की सर्विस लेन में लंबा जाम लग गया, जिससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
थाने के बाहर विरोध कर रहे वकीलों के पास दोपहर में थानाधिकारी हमीर सिंह और रीडर (कॉन्स्टेबल) नरेंद्र सिंह के निलंबन आदेश की कॉपी आते ही वकीलों ने विजयी रैली निकालकर अपना विरोध समाप्त किया।

हाईकोर्ट से कड़ी फटकार
न्यायालय का समय शुरू होने के साथ ही अधिवक्ताओं ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस.पी. शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामला रखा। अधिवक्ताओं ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा को थाने में वकील के साथ हुए दुर्व्यवहार का वीडियो भी दिखाया।
वीडियो देखने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी वेस्ट और कुड़ी थाना प्रभारी को कोर्ट में तलब किया।
सुबह 11 बजे पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश, डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल, एसीपी और SHO हमीर सिंह कोर्ट में पेश हुए।\

पुलिस को कड़ी फटकार
राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने अधिवक्ता के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
वीडियो देखने के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को ‘सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग’ दी जाए, क्योंकि उन्हें बात करना तक नहीं आता।
कोर्ट ने कहा कि जनता से कैसे बात करनी है, किस तरह व्यवहार करना है—यह पुलिस को सीखना चाहिए।

एक सप्ताह में IPS अधिकारी करेंगे जांच
जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट की फटकार के बाद बताया कि मामले की जांच आईपीएस स्तर के अधिकारी से करवाई जा रही है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
