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खाटूश्यामजी नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 19 वोटों की होगी गिनती; 24 घंटे में परिणाम घोषित करने के आदेश

Khatushyamji Municipality Chairman Election: Rajasthan HC Orders Counting of 19 Votes, Result Within 24 Hours

जयपुर। खाटूश्यामजी नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया स्थगित करने के आदेश को रद्द करते हुए 21 सितंबर को डाले गए 19 मतों की गिनती कर परिणाम घोषित करने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि केवल एक निर्वाचित पार्षद के मतदान के लिए उपस्थित नहीं होने को आधार बनाकर चुनाव स्थगित करना या दोबारा मतदान कराना उचित नहीं है।

जस्टिस अनूप कुमार धंड की एकलपीठ ने वार्ड संख्या 11 की निर्वाचित पार्षद एवं अध्यक्ष पद की प्रत्याशी विनीता पूनिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

कोर्ट ने आदेश दिया कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के बाद यथासंभव 24 घंटे के भीतर 19 मतों की मतगणना कर चुनाव परिणाम घोषित किया जाए।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद आज यानी 25 सितंबर को प्रस्तावित अध्यक्ष पद का चुनाव और 26 सितंबर को होने वाला उपाध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल स्थगित हो गया है।

20 में से 19 पार्षदों ने किया मतदान

खाटूश्यामजी नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान निर्धारित किया गया था।

कुल 20 निर्वाचित पार्षदों में से 19 ने निर्धारित समय में अपने मताधिकार का प्रयोग कर दिया।

केवल वार्ड संख्या 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचीं। इसके बाद मतदान प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

निर्धारित समय समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी की ओर से मतदान का समय कई बार बढ़ाया गया और अंततः मतपेटी को सील कर चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।

बाद में राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुपस्थित पार्षद को मतदान का अवसर देने के लिए 25 सितंबर को दोबारा मतदान की प्रक्रिया निर्धारित की थी।

इसी निर्णय को विनीता पूनिया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।

हाईकोर्ट ने कहा- मतदान के बाद होनी चाहिए मतगणना

याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के प्रावधानों का परीक्षण किया।

अदालत ने कहा कि निर्धारित समय में मतदान संपन्न होने के बाद नियमानुसार मतों की गिनती की जानी चाहिए।

अदालत ने माना कि इस मामले में मतदान के दौरान ऐसी कोई असाधारण परिस्थिति सामने नहीं आई, जिसके कारण पूरी चुनाव प्रक्रिया को रोकना जरूरी हो।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंगा, हिंसा, लोक शांति में गंभीर व्यवधान, प्राकृतिक आपदा या ऐसी अन्य असाधारण परिस्थितियों, जिनमें मतदान कराना बाधित या असंभव हो जाए, तभी मतदान प्रक्रिया को स्थगित या बाधित करने का आधार बन सकता है।

एक पार्षद की गैरमौजूदगी से नहीं रुक सकता पूरा चुनाव

हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल एक मतदाता की अनुपस्थिति अपने आप में पुनर्मतदान का आधार नहीं बन सकती।

अदालत ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित चुनाव कार्यक्रम को सामान्य परिस्थितियों में स्थगित नहीं किया जा सकता।

मतदान का अधिकार एक वैधानिक अधिकार है और इसका प्रयोग निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय, स्थान और प्रक्रिया के अनुसार किया जाना होता है।

निर्धारित मतदान अवधि समाप्त होने के बाद किसी एक मतदाता की अनुपस्थिति के कारण पहले से डाले गए मतों की प्रक्रिया को रोककर पूरे चुनाव को दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता।

पार्षद के कथित अपहरण से बढ़ा विवाद

मामले ने उस समय गंभीर रूप लिया, जब वार्ड संख्या 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी के पति हरलाल की ओर से उनके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने करीब 13 घंटे की तलाश के बाद लक्ष्मी देवी को दस्तयाब किया।

इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद और बढ़ गया। राज्य निर्वाचन आयोग ने लक्ष्मी देवी को मतदान का अवसर देने के लिए 25 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी।

विनीता पूनिया की ओर से इसी निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और कहा गया कि निर्धारित समय में 19 पार्षद मतदान कर चुके हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को प्रत्येक निर्वाचित पार्षद के मतदान करने तक रोककर रखना चुनाव नियमों के अनुरूप नहीं है।

अपहरण की प्राथमिकी पर भी हाईकोर्ट की नजर

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य भी रखा गया कि लक्ष्मी देवी के कथित अपहरण को लेकर प्राथमिकी निर्धारित मतदान अवधि समाप्त होने के बाद दर्ज हुई थी।

याचिका में कहा गया कि मतदान की निर्धारित अवधि के दौरान निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपहरण को लेकर कोई शिकायत या प्राथमिकी प्रस्तुत नहीं की गई थी।

हाईकोर्ट ने इन परिस्थितियों पर विचार करते हुए 21 सितंबर को निर्धारित समय में डाले गए 19 मतों की गिनती कर परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया।

24 घंटे में परिणाम घोषित करने का आदेश

हाईकोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी को आदेश दिया कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के बाद यथासंभव 24 घंटे के भीतर 19 मतों की गिनती पूरी कर परिणाम घोषित किया जाए।

हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि घोषित परिणाम कानून के तहत उपलब्ध निर्वाचन याचिका अथवा अन्य वैधानिक उपाय के अधीन रहेगा।

भाजपा-कांग्रेस के 8-8 पार्षद

खाटूश्यामजी नगरपालिका के कुल 20 वार्डों में भाजपा के 8 और कांग्रेस के 8 पार्षद हैं। इसके अलावा 3 निर्दलीय और 1 आरएलपी पार्षद हैं।

अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से प्रेम देवी रुलानिया और कांग्रेस की ओर से विनीता पूनिया मैदान में हैं।

अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद अध्यक्ष पद का फैसला 21 सितंबर को डाले गए 19 मतों की मतगणना से होगा।

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