डॉ. अजय सिंह राठौड़
सामान्यतः कानून को केवल विधानों, न्यायालयों और विधि-व्यवसाय तक सीमित माना जाता है, किंतु इसका वास्तविक स्वरूप इन सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक है। कानून मात्र नियंत्रण और व्यवस्था का तंत्र नहीं है, बल्कि यह स्वयं जीवन का आधार है और उससे आगे बढ़कर एक जीवन-पद्धति भी है। यही विचार “कानून ही जीवन है और वही जीवनशैली भी है” की अवधारणा में निहित है।
मानव अस्तित्व के आरंभ से ही कानून उसके साथ चलता है। जन्म प्रमाणपत्र से व्यक्ति की कानूनी पहचान आरंभ होती है और मृत्यु प्रमाणपत्र उसके समापन का संकेत देता है।
इसके बीच शिक्षा, विवाह, रोजगार, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे अनगिनत पड़ाव आते हैं, जिन्हें विधि संरक्षित और संरचित करती है। इस प्रकार, कानून राज्य का कोई अमूर्त विधान नहीं है, बल्कि मानव जीवन के ताने-बाने को जोड़ने वाला अदृश्य सूत्र है।
कानून जीवन है। इसका अर्थ है कि संगठित समाज की स्थिरता के लिए कानून अपरिहार्य है। कानून के अभाव में अराजकता, संघर्ष और अनिश्चितता ही शेष रहती है।
यह हमें अधिकार प्रदान करता है, कर्तव्यों की स्मृति कराता है और स्वतंत्रता तथा उत्तरदायित्व के बीच संतुलन स्थापित करता है। इसी संतुलन के भीतर मानव आकांक्षाएँ पल्लवित और पुष्पित होती हैं।
कानून जीवनशैली भी है। इसका तात्पर्य है कि कानून केवल बाहरी दंड या नियंत्रण का माध्यम न रहकर अंतःकरण की सचेत जीवन-पद्धति बन जाए।
जब न्याय, समानता, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व हमारे आचरण का हिस्सा बन जाते हैं, तब कानून केवल अनुपालन की बाध्यता न रहकर एक संस्कृति, आदत और नैतिक दिशा-सूचक बन जाता है।
कानून को जीवनशैली के रूप में अपनाने का अर्थ है कि हम व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ-साथ नागरिक उत्तरदायित्व को भी स्वीकारें।
अधिकार तभी सार्थक होते हैं जब कर्तव्यों का भी निर्वहन किया जाए। ऐसा समाज, जिसमें नागरिक कानून को जीवनशैली की तरह आत्मसात करते हैं, भय या दंड पर नहीं, बल्कि विश्वास, पारस्परिक सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित रहता है।
आज जब अन्याय, असमानता और अपराध जैसी चुनौतियाँ मानव प्रगति के मार्ग में बाधक हैं, तब “कानून ही जीवन है और वही जीवनशैली भी है” का दृष्टिकोण समाज को सकारात्मक दिशा देता है।
यह हमें यह शिक्षा देता है कि कानून का पालन करना बोझ नहीं, बल्कि गरिमा और अनुशासन का आंतरिक संस्कार है।
अंततः, कानून जीवन है क्योंकि यह हमारे अस्तित्व के प्रत्येक आयाम को संरचना प्रदान करता है, और कानून जीवनशैली है क्योंकि यह हमें न्याय, अनुशासन और उत्तरदायित्व के साथ जीना सिखाता है।
वास्तव में, कानून ही जीवन है, और निश्चय ही, वही जीवनशैली भी है।