जोधपुर। राजस्थान में हाईकोर्ट रूम से एक संकल्प के साथ शुरू हुई पहल अब धीरे-धीरे बड़े पौधरोपण अभियान का रूप लेने लगी है।
हाईकोर्ट में पौधरोपण को लेकर चल रही जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी ने पौधे लगाने का संकल्प लिया और उसे पूरा भी किया। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर एक के बाद एक दूसरे वकील भी पौधरोपण अभियान से जुड़ते चले गए।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश शपथ पत्र में बताया गया कि अब तक जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में 100 से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए अब जोधपुर शहर और आसपास और जगहों की तलाश की जा रही है।
जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने पौधरोपण के लिए किए गए इन प्रयासों की सराहना की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी और गौरव रांका ने पैरवी की। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सज्जन सिंह राठौड़ के साथ युवराज सिंह, आयुष गहलोत और राकेश कोर्ट में मौजूद रहे।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एएजी सज्जन सिंह राठौड़ ने बताया कि जोधपुर शहर और आसपास पौधरोपण के लिए कई स्थान चिह्नित किए गए हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि गांव खोखरिया के पास उपलब्ध सबसे नजदीकी गोचर भूमि की पहचान के लिए अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए सरकार ने हाईकोर्ट से कुछ और समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में लगाए 100 से ज्यादा पौधे
यह मामला ओमाराम चौधरी की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। 23 सितंबर की सुनवाई में हाईकोर्ट ने पौधरोपण और इसके लिए उपयुक्त जगहों की पहचान को लेकर निर्देश दिए थे।
दोबारा इस मामले में 29 सितंबर को जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ के सामने सुनवाई हुई। इस दौरान पौधरोपण की प्रगति की जानकारी कोर्ट के सामने रखी गई।
इन निर्देशों की पालना में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया। इसमें बताया गया कि जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में 100 से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं।
यह पहल अधिवक्ता माहेश्वरी के पौधरोपण के संकल्प से शुरू हुई थी। इसके बाद एक के बाद एक दूसरे वकील भी इस अभियान से जुड़ते गए। याचिकाकर्ता और अधिवक्ताओं ने आगे भी पौधरोपण अभियान में अपनी भागीदारी जारी रखने की बात कही।
हाईकोर्ट ने अपने पहले दिए गए निर्देशों की इस तरह पालना किए जाने पर पौधरोपण के प्रयासों की जमकर सराहना की।
अब जोधपुर में और जगहों पर पौधे लगाने की तैयारी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सज्जन सिंह राठौड़ ने बताया कि जोधपुर शहर और उसके आसपास पौधरोपण के लिए कई जगहों की पहचान की गई है।
इन जगहों को चिन्हित करने में कई वकीलों ने भी सहयोग किया है। सरकार ने बताया कि अधिवक्ताओं ने इस अभियान से जुड़ने के लिए स्वेच्छा से अपनी भागीदारी दी है।
यानी अब पहल सिर्फ एक जगह 100 पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जोधपुर में और जगहों पर पौधरोपण की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
खोखरिया के पास गोचर भूमि की तलाश करेगी सरकार
हाईकोर्ट ने सरकार से गांव खोखरिया के पास उपलब्ध सबसे नजदीकी गोचर भूमि की जानकारी भी मांगी है। सरकार की ओर से बताया गया कि संबंधित अधिकारियों से जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने इसके लिए कोर्ट से कुछ और समय मांगा। बेंच ने सरकार की मांग स्वीकार करते हुए जानकारी जुटाने के लिए समय दे दिया।
अब सरकार को खोखरिया के पास उपलब्ध गोचर भूमि के बारे में जानकारी जुटाकर कोर्ट के सामने रखनी है।
12 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले को 12 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में गांव खोखरिया के पास उपलब्ध गोचर भूमि की पहचान को लेकर सरकार की ओर से जुटाई गई जानकारी कोर्ट के सामने रखी जाएगी।
फिलहाल हाईकोर्ट ने पौधरोपण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की है। एक वकील के संकल्प से शुरू हुई यह पहल अब 100 से ज्यादा पौधों तक पहुंच चुकी है और इसे जोधपुर के दूसरे हिस्सों तक ले जाने के लिए नई जगहों की पहचान की जा रही है।