12वीं में बायोलॉजी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास की है, तो वह पात्र है, चाहे 11वीं में बायोलॉजी विषय लिया हो या नहीं
जयपुर, 24 नवंबर
Rajasthan High Court ने मेडिकल शिक्षा प्रवेश नियमों पर महत्वपूर्ण फैसला (REPORTABEL JUDGEMENT) सुनाते हुए कहा है कि MBBS में प्रवेश के लिए 11वीं कक्षा में बायोलॉजी पढ़ना अनिवार्य नहीं है।
High Court ने कहा कि यदि विद्यार्थी ने 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी और अंग्रेजी विषय उत्तीर्ण किए हों, तो वह NEET-UG और MBBS प्रवेश के लिए पूरी तरह पात्र माना जाएगा।
Dr. Justice Nupur Bhati ने यह आदेश याचिकाकर्ता छात्र गोपालसिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिकाकर्ता गोपालसिंह ने NEET-UG 2025 में 550 अंक (99.43 परसेंटाइल) प्राप्त किए और EWS श्रेणी में 12,449 ऑल इंडिया रैंक हासिल की।
काउंसलिंग में उसे पहले बाड़मेर मेडिकल कॉलेज और बाद में श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज में सीट आवंटित हुई।
लेकिन दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान अधिकारियों ने उसकी उम्मीदवारी यह कहते हुए खारिज कर दी कि उसने 11वीं में बायोलॉजी नहीं पढ़ी थी।
गोपालसिंह ने 12वीं कक्षा में बायोलॉजी अतिरिक्त विषय के रूप में पास की थी, लेकिन 11वीं में इस विषय का अध्ययन नहीं किया था, जिसके चलते उसे दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान अयोग्य करार दे दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को मनमाना और नियम विरुद्ध बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।
सरकार की दलील खारिज
मामले में याचिकाकर्ता की याचिका का राज्य सरकार की ओर से विरोध किया गया।
राज्य सरकार ने तर्क दिया कि काउंसलिंग चेकलिस्ट में 11वीं की मार्कशीट और बायोलॉजी विषय का उल्लेख आवश्यक बताया गया था।
सरकार ने कहा कि MBBS में प्रवेश के लिए पहले यह नियम था कि उम्मीदवार ने 11वीं और 12वीं—दोनों कक्षाओं में Physics, Chemistry और Biology नियमित रूप से पढ़ी हो।
सरकार की ओर से कहा गया कि पहले के नियमों के अनुसार Biology को 12वीं के बाद “अतिरिक्त विषय” के रूप में पढ़कर छात्र NEET या MBBS प्रवेश का पात्र नहीं माना जाता।
सरकार का तर्क पुराने नियमों (1997 Regulations) पर आधारित था, जिनमें Biology को 11वीं और 12वीं दोनों में नियमित पढ़ना अनिवार्य माना गया था।
NMC के नए नियम
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की Graduate Medical Education Regulations – 2023, जो 02 जून 2023 को लागू हुई थीं, को पेश किया गया।
इस मामले में NMC ने कहा कि यह विनियम स्पष्ट रूप से बताते हैं कि NEET-UG के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी और अंग्रेजी विषय होना ही पर्याप्त है।
1997 के पुराने नियम, जिनमें 11वीं में बायोलॉजी अनिवार्य थी, नए नियम लागू होने के बाद समाप्त हो चुके हैं।
11वीं में विषय लिया हो या नहीं
22 नवंबर 2023 की पब्लिक नोटिस में “after passing Class 12th” शब्द का उपयोग तकनीकी त्रुटि प्रतीत होता है, क्योंकि 12वीं पास करने के बाद अतिरिक्त विषय देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
यदि विद्यार्थी ने 12वीं में बायोलॉजी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास की है, तो वह पात्र है — चाहे 11वीं में विषय लिया हो या नहीं।
राज्य का तर्क खारिज
राजस्थान High Court ने राज्य सरकार की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) छात्रों को विषय चयन में लचीलापन प्रदान करती है और NMC ने इसी सिद्धांत के अनुरूप नियमों को संशोधित किया है।
कोर्ट ने कहा कि चेकलिस्ट राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के कानूनी नियमों को न तो बदल सकती है और न ही उनसे ऊपर हो सकती है।
हाईकोर्ट का आदेश
High Courtर्ट ने सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद 01 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया वह ईमेल रद्द कर दिया जिसमें याचिकाकर्ता को अयोग्य बताया गया था।
साथ ही High Court ने याचिकाकर्ता के दस्तावेज़ों का सत्यापन एक सप्ताह के भीतर पुनः करने और उसे MBBS प्रथम वर्ष में तत्काल प्रवेश देने का आदेश दिया है।
High Court ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को बिना देरी कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
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