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नेशनल वर्कशॉप को लेकर लॉ स्टूडेंट का क्रेज, उदयपुर-चितौड़गढ के लॉ कॉलेज में सेमीनार

जयपुर, 17 सितंबर।

राजधानी जयपुर में 11 अक्टूबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला “नेशनल वर्कशॉप ऑन न्यू क्रिमिनल लॉज़” को लेकर लॉ स्टूडेंट का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा हैं.

इस कार्यशाला के लिए प्रदेशभर में लीगल एजुकेशन संस्थान की ओर से सेमीनार आयोजित किए जा रहे हैं.

बुधवार को लीगल संस्थान कि ओर से उदयपुर के डॉ अनु/का विधि महाविलय और चित्तौड़गढ़ के आर एन टी लॉ कॉलेज में सेमीनार आयोजित किए गए.

सेमीनार में लीगल एजुकेशन संस्थान प्रतिनिधि एडवोकेट दीक्षा यादव, एडवोकेट रूपाली चौहान, विधि छात्रा उमेरा सैयद आपराधिक कानूनों की विस्तारपूर्वक व्याख्या की तथा पुराने कानूनों में किए गए संशोधनों और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर प्रकाश डाला.

सत्र को आर एन टी लॉ कॉलेज चित्तौड़गढ़ के हैड आफ डिपार्टमेंट डॉ प्रभा भाटी ने भी संबोधित किया उन्होने इस तरह की कार्यशालाओं को विधिछात्रों के लिए एक बेहतर मंच बताया.

असिसटेंट प्रोफेसर जफर सरकलदा लीगल टीम का आभार जताया वही लीगल टीम की ओर से भी 11 अक्टूबर कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया गया.

लीगल टीम के रोहन जांगिड़ और वोरेश सीरवी ने डॉ प्रभा भाटी और प्रोफेसर जफर सरकलदा को नेशनल वर्कशॉप के लिए आमत्रिंत किया.

डॉ. आर. वेंकटा राव होंगे मुख्य वक्ता

गौरतलब हैं ​कि लीगल एजुकेशन संस्थान के तत्वावधान में 11 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाली “नेशनल वर्कशॉप ऑन न्यू क्रिमिनल लॉज़” के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. आर. वेंकटा राव होंंगे.

डॉ राव इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च गोवा के संस्थापक कुलपति हैं. यह विश्वविद्यालय बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट (पर्ल फर्स्ट) द्वारा 2022 में स्थापित किया गया था.

डॉ. राव पूर्व में NLSIU बेंगलुरु के कुलपति रह चुके हैं और उन्हें 45 वर्षों का शिक्षण एवं अनुसंधान का अनुभव है

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य देश में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, व्याख्या और व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करना है.

साथ ही पुराने और नए विधानों के बीच के अंतर्संबंधों, न्यायिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और व्यावसायिक अधिवक्ताओं के लिए यह कार्यशाला अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी.

कार्यशाला में लॉ स्टूडेंट, हाल ही ग्रेज्यूएट हुए लॉ स्टूडेंट, न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे लॉ स्टूडेंट, अधिवक्ता, कानूनी पेशेवर,शिक्षाविद् एवं प्रोफेसरगण, कानूनी शोधार्थी एवं रिसर्च स्कॉलर्स इसमें शामिल हो सकते हैं.

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