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NCRB Report – देश में फर्जी नोट, मानव तस्करी और अपराधों में आई गिरावट

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की Crime in India 2023 रिपोर्ट ने देश की कानून व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यकुशलता की सकारात्मक तस्वीर पेश की हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी नोटों की जब्ती, मानव तस्करी के मामलों और कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है, जबकि अपराध नियंत्रण में तकनीकी साधनों का प्रभावी उपयोग की तस्वीर भी सामने आयी हैं.

फर्जी नोटों की जब्ती में गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में देशभर में कुल 3,51,656 फर्जी भारतीय मुद्रा नोट (FICN) जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹16.86 करोड़ रही.

यह राशि पिछले साल यानी 2022 की तुलना में गिरावट दर्शाती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि 2023 में नकली मुद्रा रोकथाम में जांच एजेंसियों को कुछ हद तक सफलता​ मिली हैं.

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश ने छोटे मूल्य के नोटों की जब्ती में सबसे आगे रहा. यहां पर ₹200, ₹100, ₹50 और ₹20 रूपए के नकली नोटों की बड़ी संख्या जब्त की गई.

देश की राजधानी दिल्ली में बड़ी राशि के फर्जी नोटों को जब्त करने में अग्रणी रहा हैं.

देश की राजधानी और अनर्तराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तस्करी के आसान रास्तों से दिल्ली में बड़े नोटो की नकली खेप ज्यादा बरामद की गयी हैं.

दिल्ली में जहां ₹2,000 के 3,609 फर्जी नोट समेत कुल 45,242 फर्जी नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत ₹72.18 लाख रही.

विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता और जनता की बढ़ती जागरूकता का परिणाम है.

दूसरा पहलू यह भी कि देश की राजधानी दिल्ली तक नकली नोटों की खेप पहुंच रही हैं.

कम हुए मानव तस्करी के मामलें

NCRB रिपोर्ट के अनुसार मानव तस्करी के मामलों में वर्ष 2023 में कमी आई हैं.

2022 में 2,250 मामलों की तुलना में 2023 में 2,183 मानव तस्करी के मामले दर्ज किए गए, जो लगभग 3% की कमी दर्शाता है.

महिला और बच्चों से जुड़ी तस्करी में भी गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से कई तस्करी रैकेटों का भंडाफोड़ हुआ है.

विशेषज्ञों के अनुसार सरकारी जागरूकता अभियानों, पुनर्वास कार्यक्रमों और एनजीओ के सहयोग से इस गिरावट को स्थायी रूप देने में मदद मिलने का अनुमान लगाया गया.

टेक्नोलॉजी पुलिस की ताकत

वर्ष 2023 की NCRB की रिपोर्ट ने “स्मार्ट पुलिसिंग” की सफलता को सामने रखा हैं.

आधुनिक तरीको और उपकरणों के चलते अपराध नियत्रंण करने में भारतीय पुलिस को कुछ बेहतर दिशा मिली हैं.

देशभर में CCTV नेटवर्क, ऑनलाइन FIR प्रणाली, डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन सर्विलांस और AI-आधारित क्राइम ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों ने अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने की कोशिश की है.

सड़क अपराधों में कमी

दिल्ली, मुंबई, जयपुर और हैदराबाद जैसे शहरों में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) सिस्टम की मदद से वाहन चोरी और सड़क अपराधों में 25% तक की कमी आई है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे डिजिटल पुलिसिंग का स्वर्ण युग बताया है और आने वाले वर्षों में फेस रिकॉग्निशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पुलिसिंग में जोड़ने की घोषणा से एक नई यह और मजबूत होगी.

जब्ती और छापों में वृद्धि

2023 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वर्ष 2023 में देशभर में पुलिस की सख्त कार्रवाई के चलते अवैध हथियार, नकली मुद्रा, ड्रग्स और तस्करी नेटवर्क पर नकेल कसने के प्रयास सफल हुए है.

रिपोर्ट के अनुसार 2023 में अवैध हथियार बरामदगी में 19% की वृद्धि हुई वही नकली नोटों की जब्ती में 22% की वृद्धि हुई हैं.

रिपोर्ट के अनुसार नशीले पदार्थों की बरामदगी में 27% सुधार हुआ हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि अपराध में नहीं बल्कि पुलिस की सक्रियता का संकेत है — यानी अवैध गतिविधियाँ अब पहले से अधिक तेजी से पकड़ी जा रही हैं.

यह खबर हमारी शोधार्थी रैनी तंवर द्वारा तैयार कि गयी हैं.

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