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अवैध नशीली दवाओं के बड़े मामले में दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा, 2 से 4 लाख का जुर्माना भी

Jaipur High-Profile Blackmail Case: Accused Woman Claims She Is the Victim, Bail Plea Hearing Deferred

जयपुर, 19 नवंबर

जयपुर महानगर की एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने अवैध नशीली दवाओं के व्यापार से जुड़े दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की कड़ी सज़ा सुनाई है।

जयपुर महानगर प्रथम की NDPS मामलों की विशेष अदालत के जज प्रदीप कुमार मोदी ने खुले न्यायालय में फैसला सुनाते हुए आरोपी मोहम्मद ताहिर और शशि भारती को यह सजा सुनाई है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोनों आरोपी संगठित रूप से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार कर रहे थे, जो समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा है।

नरमी नहीं दिखा सकती अदालत

अदालत ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अवैध मादक पदार्थों के मामलों में काफी बढ़ोतरी हो रही है और नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता से युवा वर्ग में इनके सेवन का प्रचलन बढ़ रहा है।

अदालत ने कहा कि अवैध नशीली दवाओं के दुष्परिणाम समाज के सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

कोर्ट ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं के विकास को अवरुद्ध कर रहा है, जो गंभीर चिंतन का विषय है। इस पर नियंत्रण स्थापित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर मामलों में कोर्ट किसी भी प्रकार की नरमी नहीं दिखा सकती।

2 और 4 लाख का जुर्माना भी

कोर्ट ने दोनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है।

अदालत ने जयपुर के रामगंज निवासी आरोपी मोहम्मद ताहिर पुत्र मोहम्मद साबिर को धारा 8/22 NDPS Act के तहत दोषी मानते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है।

साथ ही अदालत ने ताहिर पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

जुर्माना अदा न करने पर आरोपी ताहिर को अतिरिक्त 2 वर्ष की जेल भुगतनी होगी।

शशि भारती दो धाराओं में दोषी

अदालत ने दूसरे आरोपी शशि भारती (उम्र 24 वर्ष) निवासी—ग्राम धरक परसा, थाना मांझागढ़, जिला गोपालगंज (बिहार)—को न केवल धारा 8/22 बल्कि धारा 8/29 NDPS Act में भी दोषी पाया है।

अदालत ने शशि भारती को धारा 8/22 में 20 वर्ष की जेल, धारा 8/29 में भी 20 वर्ष की सख्त जेल की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक अपराध के लिए 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड, यानी कुल 4 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।

दोनों धाराओं में दी गई शशि भारती की सभी मूल सजाएँ साथ-साथ चलेंगी, जिसके चलते वह कुल 20 वर्ष की सजा ही भुगतेगा।

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