जयपुर/जोधपुर। मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल ने राजस्थान बार काउंसिल के 2 सदस्यों के रूप में राजस्थान हाईकोर्ट की सबसे पहली सीनियर एडवोकेट गायत्री राठौड़ और युवा अधिवक्ता वर्षा बिस्सा को मनोनीत किया है।
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Justice Sanjay k Agarwal ने वरिष्ठ अधिवक्ता गायत्री राठौड़ और अधिवक्ता वर्षा बिस्सा को बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के दो Co-opted Women Members के रूप में मनोनीत किया है।

गौरतलब है कि राजस्थान बार काउंसिल के 25 में से 23 सदस्यों का चुनाव मतदान से हुआ था, वहीं दो महिला सदस्यों को मुख्य न्यायाधीश द्वारा मनोनीत किया जाना था।
मुख्य न्यायाधीश ने इस मनोनयन के लिए राजस्थान बार काउंसिल के चुने हुए सभी सदस्यों के साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ताओं और जजों से भी सुझाव मांगे थे।
जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश की ओर से इन दोनों अधिवक्ताओं का मनोनयन किया गया है।
राजस्थान बार काउंसिल के सचिव विकास ढाका ने इसकी जानकारी देते हुए सूचना भी जारी की है।
बार काउंसिल के सदस्यों को भेजी गई आधिकारिक सूचना
राजस्थान बार काउंसिल के कार्यवाहक सचिव विकास ढाका की ओर से 2 जारी सूचना में दोनों अधिवक्ताओं के मनोनयन की आधिकारिक जानकारी दी गई है।
राजस्थान बार काउंसिल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने दोनों अधिवक्ताओं को बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के co-opted members के रूप में नामित किया है।
पत्र की प्रतिलिपि दोनों नव-मनोनित महिला अधिवक्ताओं को भी भेजी गई है।
इस मनोनयन के साथ ही राजस्थान बार काउंसिल में दोनों महिला अधिवक्ताओं को औपचारिक रूप से स्थान मिल गया है।

पिता के नक्शे कदम पर बेटी वर्षा बिस्सा
हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास की बेटी वर्षा बिस्सा राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में अनुभवी अधिवक्ता हैं.
वर्षा बिस्सा राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में प्रेक्टिसरत अधिवक्ता है जो वर्ष 2011 में राजस्थान बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुई थीं। उन्हें सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक, टैक्सेशन, लेबर, कंपनी, सर्विस, रेवेन्यू तथा मोटर दुर्घटना दावा मामलों में प्रैक्टिस का अनुभव है।
वे राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन की वर्ष 2015-16 में उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्होंने विभिन्न मामलों में प्रो-बोनो कानूनी सेवाएं भी प्रदान की हैं।