जोधपुर। हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट ने विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। मामले में विधायक की ओर से अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय ने पैरवी की।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज किए जाने में हुई देरी और मामले की परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना।
बंसल के खिलाफ दर्ज मामलों में घटनाक्रम करीब 23 वर्ष पुराना बताया गया था और एफआईआर वर्ष 2026 में दर्ज हुई थी।
23 साल पुराने मामले में दर्ज हुई थी एफआईआर
गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सितंबर में मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
प्रकरण वर्ष 2003 के कथित फर्जी पट्टा मामले से जुड़ा था। इसी मामले में सीआईडी-सीबी ने विधायक को गिरफ्तार भी किया था।
विधायक की ओर से हाईकोर्ट में यह पक्ष रखा गया था कि इतने पुराने घटनाक्रम को लेकर लंबे अंतराल के बाद एफआईआर दर्ज की गई और इसके पीछे राजनीतिक परिस्थितियों का भी प्रभाव बताया गया। उनके समर्थकों ने भी एफआईआर को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
हाईकोर्ट से पहले भी मिली थी अंतरिम राहत
इससे पहले 23 सितंबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन से जुड़े मामलों में भी अंतरिम राहत दी थी।
अदालत ने एक एफआईआर में पत्नी और बेटी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई थी तथा दूसरी एफआईआर में तीनों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक के निर्देश दिए थे।
अब एफआईआर निरस्त होने के बाद विधायक गणेशराज बंसल को मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक राहत मिली है।