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100% दृष्टिबाधित बेटे को अनुकंपा नियुक्ति से किया वंचित, हाईकोर्ट सख्त; शिक्षा विभाग से 4 हफ्ते में जवाब तलब

Doctor Responsible for Dispensary Record Lapses, Rajasthan High Court Upholds Compulsory Retirement

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मृतक सरकारी कर्मचारी के 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित बेटे को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दिए पर सख्त रुख अपनाया है।

हाईकोर्ट ने इस मामले में शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

मामला झुंझुनूं जिले के बड़ागोठड़ी गांव की रहने वाली दिवंगत शिक्षिका रोशन कुमारी के बेटे अजय कुमार ओला से जुड़ा है।

अजय कुमार ने अपनी मां की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। लेकिन शिक्षा विभाग ने उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया।

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मां की मौत के बाद नौकरी के लिए किया आवेदन

मृतक रोशन कुमारी शिक्षा विभाग में कार्यरत थीं और वर्ष 2020 में उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद उनके बेटे अजय कुमार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया।

विभाग ने आवेदन खारिज कर दिया। विभाग की दलील थी कि परिवार का एक अन्य बेटा पहले से सरकारी नौकरी में है।

इसके बाद अजय कुमार ने विभाग के इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी।

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आर्थिक स्थिति का भी दिया हवाला

याचिकाकर्ता अजय कुमार की ओर से वकील संजीव महला और विजय पूनियां ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा।

याचिका में अजय कुमार की शारीरिक और आर्थिक स्थिति को लेकर भी कोर्ट का ध्यान दिलाया गया।

बताया गया कि अजय कुमार 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं और अपने परिवार के साथ रहते हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि परिवार के पास अलग राशन कार्ड है और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।

वकीलों ने दलील दी कि परिवार के किसी दूसरे सदस्य के सरकारी नौकरी में होने के आधार पर अजय कुमार की अनुकंपा नियुक्ति की मांग खारिज करना उचित नहीं है।

उन्होंने कोर्ट के सामने अजय कुमार की 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित होने की स्थिति के साथ परिवार की परिस्थितियों की जानकारी भी रखी।

दलील दी गई कि दूसरे बेटे के सरकारी नौकरी में होने से यह जरूरी नहीं है कि अजय कुमार की जरूरत या परिवार की आर्थिक स्थिति अपने आप बेहतर हो गई हो।

इसी आधार पर विभाग के फैसले पर सवाल उठाते हुए मामले में राहत की मांग की गई।

शिक्षा विभाग से चार हफ्ते में जवाब

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया।

हाईकोर्ट ने विभाग से चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है।

अब विभाग को कोर्ट के सामने अपने उस फैसले का आधार बताना होगा, जिसके तहत अजय कुमार का अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन खारिज किया गया था।

फिलहाल हाईकोर्ट ने अजय कुमार को अनुकंपा नियुक्ति देने का कोई आदेश नहीं दिया है।

मामले में आगे की तस्वीर शिक्षा विभाग का जवाब आने के बाद साफ होगी।

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