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राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता रोहन जैन के पुत्र सौम्य जैन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया भारत का मान, 45 देशों की 172 टीमों के बीच हासिल किया रनर-अप स्थान

Rajasthan High Court Advocate Rohan Jain’s Son Soumya Jain Brings Glory to India, Secures Runner-Up Position Among 172 Teams From 45 Countries

जयपुर। राजस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण में Hidayatullah National Law University (HNLU) रायपुर के तृतीय वर्ष के विधि छात्र सौम्य जैन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता रोहन जैन एवं निवेदिता जैन के पुत्र सौम्य जैन और उनकी टीम ने हांगकांग में आयोजित प्रतिष्ठित 23वीं Willem C. Vis International Commercial Arbitration (East) Competition 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रनर-अप स्थान प्राप्त किया।

विश्व की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता (Arbitration) प्रतियोगिताओं में शामिल इस प्रतियोगिता में 45 देशों की 172 टीमों ने भाग लिया था।

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच HNLU की टीम ने अपने उत्कृष्ट कानूनी तर्क, रिसर्च क्षमता और प्रभावशाली प्रस्तुति कौशल के दम पर फाइनल तक पहुंचकर भारत का नाम रोशन किया।

प्रतियोगिता में सौम्य जैन को उनके बेहतरीन मौखिक प्रस्तुतिकरण (Oral Advocacy) के लिए “Hon’ble Mention Award” से सम्मानित किया गया।

वहीं, उनकी टीम को “Best Claimant Memorandum” श्रेणी में भी Hon’ble Mention Award प्राप्त हुआ। यह सम्मान टीम की उच्च स्तरीय कानूनी रिसर्च, प्रभावशाली ड्राफ्टिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का प्रमाण माना जा रहा है।

यह उपलब्धि HNLU के इतिहास में Vis Moot प्रतियोगिता का अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन है। साथ ही, HNLU की टीम इस वर्ष भारत की सबसे सफल टीम बनकर उभरी है। इस शानदार सफलता से विश्वविद्यालय, विधि समुदाय और पूरे देश में गर्व और उत्साह का माहौल है।

कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि न केवल HNLU के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारतीय विधि छात्रों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा और क्षमता को भी दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां वैश्विक कानूनी मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति को और सशक्त करेंगी।

सौम्य जैन का परिवार शिक्षा और उपलब्धियों के क्षेत्र में पहले से ही विशेष पहचान रखता है। उनके बड़े भाई क्षितिज जैन वर्तमान में University of Oxford से पीएचडी कर रहे हैं। परिवार की इस उपलब्धि ने राजस्थान के विधि जगत और शैक्षणिक क्षेत्र में गर्व का माहौल बना दिया है।

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