राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की शतरंज प्रतियोगिता का भव्य समापन, सुनील वर्मा बने चैंपियन
जोधपुर। न्यायालयों में कानूनी दलीलों और बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओं ने इस बार शतरंज की बिसात पर अपनी रणनीतिक सोच का परिचय दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर द्वारा आयोजित शतरंज (चेस) प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शनिवार को एसोसिएशन के पुस्तकालय भवन में आयोजित हुआ।

फाइनल मुकाबले में एडवोकेट सुनील वर्मा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, वहीं चिराग जैन प्रतियोगिता के उपविजेता रहे।
प्रतियोगिता के विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस बलजींदर सिंह संधू रहे।

मुख्य अतिथि जस्टिस बलजींदर सिंह संधू ने विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस बलजींदर सिंह संधू ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता, धैर्य, तार्किक विश्लेषण और सटीक निर्णय क्षमता को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए ऐसी प्रतियोगिताएं विशेष रूप से उपयोगी हैं, क्योंकि इनके माध्यम से उनकी तार्किक क्षमता, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय लेने की दक्षता का विकास होता है।

उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने की।

समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि एसोसिएशन भविष्य में भी अधिवक्ताओं के लिए खेल, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक गतिविधियों का निरंतर आयोजन करती रहेगी, ताकि अधिवक्ताओं के बीच आपसी सौहार्द, भाईचारा और संगठनात्मक एकता और अधिक मजबूत हो सके।
समारोह में महासचिव विजय चौधरी सहित संपूर्ण कार्यकारिणी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
समारोह में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बुधाराम चौधरी, सहसचिव तक्षेन्द्र शर्मा, पुस्तकालय सचिव शिवानी वैष्णव, कोषाध्यक्ष विजय शर्मा, प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक विशाल दाधीच, सह-संयोजक प्रिंस सोलंकी, अक्षय मेहता, सुरेश पारिक, मनीष बारासा सहित कार्यकारिणी के सदस्य एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।