जयपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के आगामी चुनाव से ठीक पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश दिया है।
जस्टिस सुदेश बंसल की अदालत ने सवाई माधोपुर DCA के 21 जुलाई 2024 को निर्वाचित और सचिव दीपक राज के नेतृत्व वाले गुट को RCA की आगामी Annual General Meeting (AGM) और चुनाव में प्रोविजनल तौर पर भाग लेने की अनुमति दे दी है।
RCA के चुनाव 29 सितंबर 2026 को प्रस्तावित हैं।
हाईकोर्ट ने यह अनुमति फिलहाल अंतरिम राहत के रूप में दी है और इसे संबंधित रिट याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रखा है।
क्या है पूरा विवाद?
सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन को लेकर लंबे समय से दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है।
एक गुट का प्रतिनिधित्व दीपक राज और दूसरे गुट का प्रतिनिधित्व डॉ. सुमित गर्ग कर रहे हैं। इसी विवाद के चलते सवाई माधोपुर DCA को RCA की AGM में शामिल होने और चुनाव में वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई थी।
हाईकोर्ट के समक्ष इस विवाद से जुड़ी कई रिट याचिकाएं एक साथ विचाराधीन हैं.
दीपक राज गुट का दावा-2024 में हुआ चुनाव, RCA ने दी थी मान्यता
दीपक राज गुट की ओर से अदालत को बताया गया कि सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव 21 जुलाई 2024 को हुआ था। इसके बाद RCA ने 22 जुलाई 2024 के प्रमाणपत्र के जरिए निर्वाचित कार्यकारिणी को संबद्धता प्रदान की थी।
हालांकि बाद में RCA की Adhoc Committee ने 14 मई 2026 को इस संबद्धता को वापस ले लिया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई।
दीपक राज गुट के अनुसार निर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल 21 जुलाई 2024 से 20 जुलाई 2028 तक है।
सुमित गर्ग गुट ने 2024 के चुनाव को बताया अवैध
वहीं डॉ. सुमित गर्ग के नेतृत्व वाले गुट ने अदालत में दावा किया कि सवाई माधोपुर DCA का वैध चुनाव 11 फरवरी 2022 को हुआ था और उसमें डॉ. सुमित गर्ग सचिव चुने गए थे।
इस गुट के अनुसार उसकी निर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल 10 फरवरी 2026 तक था। उनका कहना था कि कार्यकाल के बीच 21 जुलाई 2024 को कराया गया दूसरा चुनाव अवैध और अनधिकृत था।
इसी चुनाव को चुनौती देते हुए एक ओर याचिका दायर की गई, जिसमें 21 जुलाई 2024 के चुनाव को अवैध घोषित करने और 11 फरवरी 2022 को निर्वाचित कार्यकारिणी को उसके कार्यकाल तक वैध मानने की मांग की गई है।
पहले हाईकोर्ट ने दोनों गुटों की भागीदारी पर लगाई थी रोक
हाईकोर्ट ने इस मामले में 16 जून 2026 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए सवाई माधोपुर DCA के किसी भी व्यक्ति को अगली सुनवाई तक RCA की AGM में भाग लेने से रोक दिया था।
इसी अंतरिम आदेश के आधार पर RCA ने आगामी चुनाव में सवाई माधोपुर DCA के किसी भी गुट को भाग लेने की अनुमति नहीं दी।
AGM और चुनाव में भाग लेना महत्वपूर्ण अधिकार
जस्टिस सुदेश बंसल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि RCA के सदस्य जिला क्रिकेट एसोसिएशन के लिए Annual General Body Meeting और RCA के चुनाव में भाग लेना एक महत्वपूर्ण अधिकार है।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर माना कि सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन RCA का सदस्य है। ऐसे में यदि उसे AGM और RCA के आगामी चुनाव से पूरी तरह वंचित किया जाता है तो उसे अपूरणीय क्षति (irreparable injury) हो सकती है।
दोनों गुटों का विवाद अभी कोर्ट में लंबित
हाईकोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि डॉ. सुमित गर्ग के नेतृत्व वाले DCA की कार्यकारिणी का कार्यकाल 10 फरवरी 2026 को समाप्त हो चुका है।
दूसरी ओर दीपक राज गुट 21 जुलाई 2024 को हुए चुनाव के आधार पर 20 जुलाई 2028 तक अपना कार्यकाल होने का दावा कर रहा है।
लेकिन 21 जुलाई 2024 के चुनाव की वैधता स्वयं कोर्ट के समक्ष चुनौती के अधीन है और इस संबंध में विवाद लंबित है।
RCA ने पहले मान्यता दी, फिर वापस ली
कोर्ट ने यह भी महत्वपूर्ण तथ्य नोट किया कि RCA ने 21 जुलाई 2024 के चुनाव में निर्वाचित सवाई माधोपुर DCA की कार्यकारिणी को पहले संबद्धता प्रदान की थी।
बाद में RCA की Adhoc Committee के गठन के बाद 14 मई 2026 को यह संबद्धता वापस ले ली गई। हाईकोर्ट ने कहा कि संबद्धता वापस लेने का यह आदेश भी चुनौती के अधीन है।
इन परिस्थितियों में कोर्ट ने प्रथमदृष्टया (prima facie) माना कि याचिकाकर्ताओं के पक्ष में RCA की AGM और चुनाव में भाग लेने का मामला बनता है।
हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत के तौर पर 21 जुलाई 2024 को निर्वाचित सवाई माधोपुर DCA के दीपक राज गुट को RCA की 29 सितंबर 2026 को प्रस्तावित Annual General Meeting और चुनाव में प्रोविजनल रूप से भाग लेने की अनुमति दे दी।
हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि यह अनुमति रिट याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
यानी हाईकोर्ट ने फिलहाल केवल भागीदारी की अनुमति दी है, जबकि सवाई माधोपुर DCA के दोनों गुटों में से कौन वैध है और 21 जुलाई 2024 का चुनाव कानूनी रूप से वैध है या नहीं, इसका अंतिम फैसला अभी होना बाकी है।