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हाईकोर्ट भवन की मरम्मत पर खर्च होंगे 117 करोड़, तीन चरणों में होगा मरम्मत का कार्य, हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार ने डीपीआर के लिए 1.5 करोड़ की दी मंजूरी

Rajasthan High Court Building Repair to Cost Rs 117.65 Crore; IIT Bombay Recommends Safe Dome Restoration

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के नए भवन की मरम्मत पर 117.65 करोड़ रुपए खर्च होंगे। आईआईटी बॉम्बे की रिपोर्ट में डोम को सुरक्षित तरीके से मरम्मत करने की सलाह दी गई

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित नए भवन की खराब हालत और निर्माण में आई तकनीकी कमियों को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई।

चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को जानकारी दी गयी कि भवन की मरम्मत और सुधार पर अनुमानित 117.65 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

सुनवाई में अधिकारी रहे मौजूद

सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा समेत संबंधित अधिकारी अदालत में मौजूद रहे।

उन्होंने अब तक इस मामले में गिरफ्तार किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में कोर्ट को जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एडीजी वीके सिंह की निगरानी में मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।

आईआईटी बॉम्बे की रिपोर्ट में क्या मिला

मौजूद अधिकारियों ने भवन की मौजूदा स्थिति, स्ट्रक्चरल ऑडिट और मरम्मत कार्यों को लेकर एक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की।

आईआईटी बॉम्बे की अंतिम स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट अब मिल चुकी है।

इस रिपोर्ट में भवन में जंग लगने, कंक्रीट की गुणवत्ता में कमी, कार्बोनेशन, क्लोराइड के असर और नमी से हुए नुकसान की बात सामने आई है।

हालांकि रिपोर्ट में केंद्रीय डोम को गिराने की सिफारिश नहीं की गई है, बल्कि इसे सुरक्षित तरीके से मरम्मत करने को कहा गया है।

तीन चरणों में होगी मरम्मत

भवन की मरम्मत का काम तीन चरणों में करने का प्रस्ताव रखा गया है।

आरएसआरडीसी ने भवन की निगरानी के लिए नियमित, साप्ताहिक और हर पंद्रह दिन में निरीक्षण की व्यवस्था की है।

पहले चरण के लिए 27.50 करोड़ रुपए और दूसरे चरण के लिए करीब 30 करोड़ रुपए पहले ही मंजूर हो चुके हैं।

तीसरे चरण के लिए करीब 60 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया गया है, जिसकी मंजूरी की प्रक्रिया अभी चल रही है।

अन्य भवनों का भी हो रहा ऑडिट

हाईकोर्ट भवन के अलावा अधिवक्ता चैंबर्स और एजी-एएजी भवनों का भी आईआईटी बॉम्बे से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जा रहा है।

खराब निर्माण के इस पूरे मामले में एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

इधर मुख्य सचिव ने ली बैठक, 1.50 करोड़ की वित्तीय मंजूरी

सुनवाई के दौरान दूसरी तरफ राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाई को 30 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही नए भवन को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। नए भवन में 50 कोर्ट रूम बनाए जाएंगे, जबकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर 10 अतिरिक्त कोर्ट रूम भी बढ़ाए जा सकेंगे।

इसके लिए डीपीआर तैयार करने हेतु 1.50 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी दी गई है। मामले की अगली सुनवाई अब 5 अक्टूबर को होगी।

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