टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

पेट्रोल पम्प के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन हटाने की मांग को लेकर याचिका, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

Rajasthan High Court Issues Notice on Plea Seeking Removal of 33 KV Power Line Over Petrol Pump

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने रानीवाड़ा के एक पेट्रोल पम्प के ऊपर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन को हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

जस्टिस डॉ. नुपुर भाटी की एकलपीठ ने मामले में मैनेजिंग डायरेक्टर, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेडीवीवीएनएल), अधीक्षक अभियंता रानीवाड़ा एवं सहायक अभियंता रानीवाड़ा को छह सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जालौर जिले की रानीवाड़ा तहसील स्थित रानीवाड़ा खुर्द निवासी दल्लाराम की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।

याचिका में कहा गया कि उन्हें 29 अगस्त 2012 को विधिवत रूप से पेट्रोल पम्प का आवंटन किया गया था, जिसका लाइसेंस आज भी प्रभावी है और वे निरंतर व सुचारू रूप से पेट्रोल पम्प का संचालन कर रहे हैं।

पेट्रोल पम्प से ही उनके परिवार की आजीविका निर्भर है, जहां पेट्रोल, डीजल सहित अन्य ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण एवं विक्रय किया जाता है।

याचिका में आरोप लगाया गया कि बार-बार आपत्ति दर्ज कराने और लिखित निवेदन देने के बावजूद जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा पेट्रोल पम्प के ऊपर से 33 केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन बिछा दी गई, जिससे हर समय गंभीर दुर्घटना, करंट लगने और जान-माल के भारी नुकसान की आशंका बनी रहती है।

याचिका में यह भी कहा गया कि पेट्रोल पम्प के समीप से राज्य परिवहन मार्ग संख्या 31 गुजरता है, जहां भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता बी.एल. स्वामी ने अदालत को अवगत कराया कि यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के मौलिक अधिकार तथा व्यवसाय करने के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है।

वर्षा, आंधी-तूफान या तकनीकी फॉल्ट के दौरान विद्युत लाइन से किसी भी समय भयानक हादसा हो सकता है।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका में पेश की गई दलीलों को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब तलब किया है।

सबसे अधिक लोकप्रिय