जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने टोंक जिले के निवाई में एक प्लॉट का कब्जा दिलाने और पट्टा जारी करने से जुड़े मामले में निवाई नगर पालिका के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
जस्टिस अशोक कुमार जैन ने रिटायर्ड शिक्षक मदन लाल गौतम की याचिका पर सुनवाई करते हुए निवाई नगर पालिका के दोनों अधिकारियों को 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
हालांकि कोर्ट ने अपने आदेश में अभी नगर पालिका को प्लॉट का कब्जा दिलाने या पट्टा जारी करने का कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है।
अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा ने पैरवी की, जबकि प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता लखन शर्मा और संदीप जैन ने अधिवक्ता अमित शर्मा के साथ पैरवी की।
2014 से हाईकोर्ट में लंबित है मामला
यह मामला रिटायर्ड शिक्षक मदन लाल गौतम की सिविल सेकंड अपील से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने निवाई के दीनदयाल कॉलोनी, जिसे दीनदयाल नगर भी कहा जाता है, में स्थित प्लॉट नंबर F-56 का कब्जा दिलाने और उसके नाम पट्टा जारी करने की मांग की है।
मदन लाल गौतम ने निचली अदालतों में मुकदमा लड़ा था, लेकिन वहां उन्हें राहत नहीं मिली। सिविल कोर्ट द्वारा उनका मुकदमा खारिज किए जाने के फैसले को अपीलीय अदालत ने भी बरकरार रखा था। इसके बाद मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा।
याचिका में वरिष्ठ नागरिक होने का दिया गया हवाला
सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता के वकील प्रहलाद शर्मा ने बताया कि मदन लाल गौतम निचली अदालत और अपीलीय कोर्ट में मुकदमा हार चुके हैं।
वकील ने कहा कि मदन लाल गौतम वरिष्ठ नागरिक हैं और स्कूल शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में उनके मामले का समाधान किया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि अपीलकर्ता प्रतिवादी नंबर 3 के खिलाफ अपने अधिकार को लेकर विवाद आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उनकी मुख्य मांग प्लॉट का कब्जा और पट्टा जारी करने से संबंधित मामले का समाधान कराना है।
26 अक्टूबर को नगर पालिका के दोनों अधिकारी होंगे पेश
हाईकोर्ट ने वकील की दलीलों, रिकॉर्ड और सुनवाई के दौरान दिए गए सुझाव पर विचार करने के बाद निवाई नगर पालिका के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी को कोर्ट में बुलाना उचित माना।
हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट के कार्यालय को आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए भी कहा गया है।
हाईकोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया है। अब उस दिन नगर पालिका के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की मौजूदगी में मामले पर आगे सुनवाई होगी।