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राज्य में लग्जरी बसों की सुरक्षा पर रालसा का आज से बड़ा अभियान: एक माह तक सड़क पर उतरेंगे जज, नियमों की अनदेखी हुई तो होगी सख्त कार्रवाई,

Rajasthan Launches Statewide Luxury Bus Safety Drive; Judicial Officers to Inspect Buses for One Month

जयपुर। राजस्थान में लग्जरी और स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा अब केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं रहेगी।

लगातार सामने आ रहे भीषण सड़क हादसों और बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को देखते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) ने राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है।

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारी यानी जज स्वयं फील्ड में उतरकर बसों की जांच करेंगे।

यदि किसी बस में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित परिवहन अधिकारियों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी। अभियान एक माह तक पूरे राजस्थान में चलाया जाएगा।

यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब राजस्थान सहित देशभर में स्लीपर एवं लग्जरी बसों में आग लगने, ओवरलोडिंग, अवैध बॉडी निर्माण, आपातकालीन निकास बंद होने और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं।

हाल के वर्षों में हुई दुर्घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले नियम कागजों तक ही सीमित क्यों हैं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पहल, पूरे राज्य में चलेगा विशेष अभियान

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की प्रेरणा तथा सदस्य सचिव हरिओम अत्री की पहल पर यह विशेष “सड़क सुरक्षा अनुपालन एवं प्रवर्तन अभियान” शुरू किया गया है।

अभियान में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीमें कार्य करेंगी।

सड़क पर उतरेंगे न्यायिक अधिकारी

इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल परिवहन निरीक्षक या पुलिस ही नहीं, बल्कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव स्तर के न्यायिक अधिकारी भी निरीक्षण दल का हिस्सा होंगे।

वे स्वयं बसों का निरीक्षण करेंगे और यदि किसी बस में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

न्यायपालिका की सीधी निगरानी से यह अभियान पहले की तुलना में अधिक प्रभावी माना जा रहा है।

किन बसों पर रहेगा फोकस

निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से लग्जरी बसों, एसी स्लीपर बसों, वोल्वो एवं मल्टी एक्सल बसों तथा रात्रिकालीन संचालन करने वाली निजी बसों की जांच की जाएगी।

संयुक्त टीमें बस अड्डों, टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा प्रमुख चेक पोस्टों पर विशेष जांच अभियान चलाएंगी।

इन सुरक्षा मानकों की होगी जांच

निरीक्षण के दौरान बसों में मोटर वाहन अधिनियम का पालन, AIS-119 (Rev-1): 2016 के सुरक्षा मानकों, राज्य सरकार की SOP-2024 का अनुपालन, बस का फिटनेस प्रमाणपत्र, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी एग्जिट, इमरजेंसी हैमर, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस सिस्टम, स्पीड गवर्नर, चालक का लाइसेंस एवं कार्य अवधि, ब्रेक, टायर तथा विद्युत प्रणाली की स्थिति सहित कई मानकों की जांच की जाएगी।

अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी बसें मोटर वाहन अधिनियम, AIS-119 (Rev-1): 2016 तथा राज्य सरकार द्वारा जारी SOP-2024 का पूर्ण रूप से पालन कर रही हैं या नहीं।

यदि इनमें किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग की भी होगी जवाबदेही

अभियान के दौरान यदि किसी बस में गंभीर अनियमितता मिलती है तो केवल बस संचालक ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

इससे परिवहन विभाग पर भी नियमित निरीक्षण और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन का दबाव बढ़ेगा।

जनता और मीडिया से सहयोग की अपील

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने में सहयोग करें।

यदि किसी बस में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन दिखाई दे तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

यात्रियों को भी किया जाएगा जागरूक

अभियान केवल चालान या दंड तक सीमित नहीं रहेगा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है।

यात्रियों को बताया जाएगा कि यात्रा शुरू करने से पहले बस में उपलब्ध आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा हथौड़े तथा अन्य सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी अवश्य लें। यदि किसी बस में गंभीर सुरक्षा खामी दिखाई दे तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की जागरूकता भी दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

जिला स्तर पर संयुक्त टीमें रहेंगी सक्रिय

राज्य के प्रत्येक जिले में संयुक्त निरीक्षण दल गठित किए गए हैं। इन टीमों में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी शामिल होंगे।

ये टीमें बस स्टैंड, राष्ट्रीय राजमार्ग, टोल प्लाजा, प्रमुख चेक पोस्ट एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित निरीक्षण करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर रात्रिकालीन विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।

अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई

अभियान के दौरान यदि किसी बस में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम और अन्य लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

गंभीर मामलों में बस का फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है।

इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रशासन, न्यायपालिका और आमजन के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

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