जयपुर, 24 नवंबर
SI-भर्ती रद्द करने के Rajasthan Highcourt के एकलपीठ के फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार की अपील पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नोटिस जारी किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश Justice S P Sharma की खंडपीठ ने सरकार की अपील पर एकलपीठ में याचिकाकर्ता रहे कैलाशचंद्र शर्मा व अन्य को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 5 जनवरी तय की है।
भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ दायर अपील में राज्य सरकार ने कहा कि कुछ लोगों की गलती की वजह से पूरी भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता है।
सरकार ने कहा कि सेंटर से जो पेपर लीक हुआ था, वह कुछ अभ्यर्थियों के पास ही पहुंचा था।
सरकार ने अपील में कहा कि RPSC से लीक होने वाला पेपर संलिप्त आरपीएससी सदस्यों के बच्चों और दलालों तक ही गया था। इस पेपर का प्रसार पूरे राजस्थान में नहीं हुआ।
एकलपीठ के फैसले को लेकर राज्य सरकार ने कहा कि पूरी भर्ती रद्द होने से इसका असर सही अभ्यर्थी के जीवन पर भी पड़ रहा है। सरकार का कहना है कि भर्ती रद्द करने से उन ईमानदार और योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा, जिन्होंने निष्पक्ष रूप से परीक्षा दी थी।
सरकार की दलील है कि जांच एजेंसियां सही और गलत अभ्यर्थियों की पहचान कर सकती हैं, इसलिए कोर्ट को सम्पूर्ण भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने से बचना चाहिए।
देरी माफी प्रार्थना पत्र स्वीकार
राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त को SI भर्ती-2021 को रद्द किया था। हाईकोर्ट के नियमानुसार एकलपीठ के आदेश के खिलाफ 60 दिन के भीतर अपील की जानी चाहिए।
राज्य सरकार ने मामले में देरी से अपील दायर करने के लिए देरी माफी का प्रार्थना पत्र भी दायर किया, जिसे खंडपीठ ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर दिए।
पूर्व अध्यक्ष व सदस्यों की अपील पर भी सुनवाई
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एकलपीठ के फैसले के खिलाफ दायर की गई RPSC के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, पूर्व सदस्य मंजू शर्मा सहित चयनित अभ्यर्थियों की अपीलें भी सुनवाई में शामिल थीं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि इनमें से कई में नोटिस जारी हो चुके हैं, जबकि कुछ में नोटिस की तामील अभी शेष है।
खंडपीठ ने इन सभी अपीलों में नोटिस तामील सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं।
SI-भर्ती रद्द मामले में राज्य सरकार की अपील पर हाईकोर्ट ने जारी किया याचिकाकर्ता को नोटिस, 5 जनवरी को होगी सुनवाई
जयपुर, 24 नवंबर
SI-भर्ती रद्द करने के राजस्थान हाईकोर्ट के एकलपीठ के फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार की अपील पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नोटिस जारी किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने सरकार की अपील पर एकलपीठ में याचिकाकर्ता रहे कैलाशचंद्र शर्मा व अन्य को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 5 जनवरी तय की है।
भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ दायर अपील में राज्य सरकार ने कहा कि कुछ लोगों की गलती की वजह से पूरी भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता है।
सरकार ने कहा कि सेंटर से जो पेपर लीक हुआ था, वह कुछ अभ्यर्थियों के पास ही पहुंचा था।
सरकार ने अपील में कहा कि RPSC से लीक होने वाला पेपर संलिप्त आरपीएससी सदस्यों के बच्चों और दलालों तक ही गया था। इस पेपर का प्रसार पूरे राजस्थान में नहीं हुआ।
एकलपीठ के फैसले को लेकर राज्य सरकार ने कहा कि पूरी भर्ती रद्द होने से इसका असर सही अभ्यर्थी के जीवन पर भी पड़ रहा है। सरकार का कहना है कि भर्ती रद्द करने से उन ईमानदार और योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा, जिन्होंने निष्पक्ष रूप से परीक्षा दी थी।
सरकार की दलील है कि जांच एजेंसियां सही और गलत अभ्यर्थियों की पहचान कर सकती हैं, इसलिए कोर्ट को सम्पूर्ण भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने से बचना चाहिए।
देरी माफी प्रार्थना पत्र स्वीकार
राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त को SI भर्ती-2021 को रद्द किया था। हाईकोर्ट के नियमानुसार एकलपीठ के आदेश के खिलाफ 60 दिन के भीतर अपील की जानी चाहिए।
राज्य सरकार ने मामले में देरी से अपील दायर करने के लिए देरी माफी का प्रार्थना पत्र भी दायर किया, जिसे खंडपीठ ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर दिए।
पूर्व अध्यक्ष व सदस्यों की अपील पर भी सुनवाई
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एकलपीठ के फैसले के खिलाफ दायर की गई RPSC के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, पूर्व सदस्य मंजू शर्मा सहित चयनित अभ्यर्थियों की अपीलें भी सुनवाई में शामिल थीं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि इनमें से कई में नोटिस जारी हो चुके हैं, जबकि कुछ में नोटिस की तामील अभी शेष है।
खंडपीठ ने इन सभी अपीलों में नोटिस तामील सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं।