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राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति Alpana Kateja को Rajasthan Highcourt का नोटिस, नियुक्ति विवाद गहराया

HC Notice to Rajasthan University VC

21 नवंबर को होगी स्टे अर्जी पर सुनवाई, 27 को मूल याचिका पर सुनवाई, सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी

जयपुर, 18 नवंबर

राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर Alpana Kateja की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर Rajasthan Highcourt ने कुलपति प्रोफेसर Alpana Kateja को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया हैं.

Rajasthan Highcourt ने मामले को गंभीरता से सुनने का फैसला करते हुए स्टे याचिका पर आगामी 21 नवंबर को सुनवाई तय की हैं.

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने Alpana Kateja को नोटिस जारी करते हुए कहा कि नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्णय से पहले प्रतिवादी का पक्ष जानना जरूरी हैं.

हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह आदेश Professor Mahipal Sihag की याचिका पर दिए हैं.

मुकदमें की जानकारी छुपाने का आरोप

Rajasthan Highcourt में दायर कि गयी याचिका में दावा किया गया है कि कुलपति के चयन में न केवल अनियमितताएँ हुईं, बल्कि नियुक्ति पाने वाली उम्मीदवार Alpana Kateja ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की जानकारी भी कथित रूप से छिपाई है.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर Alpana Kateja ने कुलपति पद के लिए 1 अगस्त 2023 को जारी विज्ञापन के जवाब में जो आवेदन प्रस्तुत किया, उसमें उनके विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों की जानकारी नहीं दी गयी हैं.

याचिका में कहा गया कि यह जानकारी “महत्वपूर्ण तथ्य” के रूप में अनिवार्य थी और उसका छिपाया जाना चयन प्रक्रिया को प्रभावित करता है.

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता डॉ. सविता सीहाग ने तर्क दिया कि अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित नोटिसेज़ Alpana Kateja को प्राप्त हुए थे, इसलिए जानकारी छिपाने का आरोप गंभीर और प्रथम दृष्टया स्पष्ट प्रतीत होता है.

चयन प्रक्रिया की वैधता पर सवाल

Rajasthan Highcourt में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि प्रोफेसर Alpana Kateja की प्रोफेसर पद पर नियुक्ति स्वयं “अनियमित और विवादित” रही है, और जब उनकी मूल नियुक्ति पर ही प्रश्नचिह्न है, तो कुलपति पद के लिए चयन उचित नहीं कहा जा सकता.

अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के Dr. J. Shashidhara Prasad vs. State of Karnataka (1999), Avtar Singh vs. Union of India (2016) और Gambhirdan K. Gadhvi vs. State of Gujarat (2022) फैसले का हवाला दिया.

अधिवक्ता ने कहा कि कुलपति पद के लिए चयनित उम्मीदवार में उच्चतम स्तर की क्षमता, ईमानदारी, नैतिकता और संस्थागत प्रतिबद्धता होना आवश्यक है.

इन फैसलो के अनुसार तथ्य छिपाना इस मानक का उल्लंघन है.

पहले सुनवाई का अवसर, फिर स्टे पर निर्णय

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की अधिवक्ता ने कुलपति की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

लेकिन Rajasthan Highcourt ने कहा कि बिना प्रतिवादी Alpana Kateja को सुनवाई का अवसर दिए कोई अंतरिम आदेश पारित करना उचित नहीं होगा, विशेष रूप से तब जब वे 25 सितंबर 2023 के आदेश के आधार पर पहले ही पद पर कार्यरत हैं.

हाईकोर्ट ने स्टे याचिका पर नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इस पर 21 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजे विस्तृत सुनवाई होगी.

मुख्य याचिका पर सुनवाई 27 को

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने प्रोफेसर Alpana Kateja की कुलपति के रूप में नियुक्ति के आदेश पर रोक लगाने की मांग वाली अर्जी पर 21 नवंबर को सुनवाई तय की हैं.

Rajasthan Highcourt ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, जिन पर विस्तार से विचार किया जाना आवश्यक है.

वही इस मामले को चुनौति देने वाली मूल याचिका पर आगामी 27 नवंबर को सुनवाई होगी. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी किया है.

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