पाली, 6 सितंबर
पाली जिले के रानी न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने महिला से दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस द्वारा 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर नहीं करने पर आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया हैं.
न्यायिक मजिस्ट्रेट रोजी कंसारा ने आरोपी मंगलाराम की ओर से दायर जमानत याचिका को मंजूर करते हुए अपने आदेश में कहा कि पुलिस की लापरवाही व अनियमितता के कारण आरोपी को जमानत का लाभ मिला हैं.
मामले में एक महिला द्वारा मंगलाराम के खिलाफ रानी पुलिस थाने में 31 मई 2025 को बार बार दुष्कर्म करने और आई टी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था.
जांच अधिकारी ने इस मामले में 5 जून 2025 को मंगलाराम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया.
कोर्ट में पेश करने पर अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दे दिए.
एफआईआर दर्ज होने के 90 दिन बाद भी मामले में पुलिस द्वारा चार्जशीट पेश नहीं करने पर आरोपी की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष जमानत पेश कि गयी.
पुलिस की खामी के चलते और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अधीन रानी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी की जमानत याचिका को मंजूर करने का आदेश दिया.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप है। लेकिन पुलिस द्वारा नियम के अनुसार 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं करने के चलते उसे जमानत का अधिकार मिल जाता हैं.
अदालत ने कहा कि बेहद गंभीर मामले में पुलिस कि तरफ से अनियमिता बरती गयी हैं.
अदालत ने आदेश की एक प्रति पाली जिला पुलिस अधीक्षक को भेजने के आदेश देते हुए उक्त जांच अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के लिए लिखा हैं.