भीलवाड़ा, 22 सितंबर
नए आपराधिक कानूनों को लेकर आगामी 11 अक्टूबर को जयपुर में “नेशनल वर्कशॉप ऑन न्यू क्रिमिनल लॉज़” आयोजित होगी। इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला को लेकर संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

कार्यशाला की जानकारी देने के लिए विशेष आमंत्रण पर लीगल संस्थान की टीम संगम विश्वविद्यालय के विधि संकाय की ओर से आयोजित एक विशेष सेमिनार में शामिल हुई।
विशेषज्ञों का संबोधन

सेमिनार को संबोधित करते हुए एडवोकेट दीक्षा यादव और रूपाली चौहान ने नए आपराधिक कानूनों की बारीकियों, उनमें मौजूद विसंगतियों और उनके समाधान की दिशा में कार्यशाला के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.

इसी क्रम में कनोड़िया लॉ कॉलेज की छात्रा उमेरा सैयद ने भी लॉ स्टूडेंट्स के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए.
छात्रों को मिला नया दृष्टिकोण
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को हाल ही में लागू किए गए आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रावधानों और उससे जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराना था.

लीगल संस्थान की टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सभी विद्यार्थियों को जयपुर में होने वाली राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करूणेश सक्सेना ने की। इस अवसर पर उपकुलपति मानस रंजन पाणिग्रही, कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार, डीन डॉ. ओमप्रकाश, सहायक डीन गौरव सक्सेना, संकाय सदस्याएँ डॉ सुनाक्षी शर्मा, डॉ. विष्णुप्रिया दाधिच, शशांक शेखर सिंह, आदित्य दाधिच, वर्तिका मिश्रा, वृंदा माहेश्वरी सहित कई प्राध्यापक मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. रामसिंह पंवार ने किया।
डॉ. आर. वेंकटा राव होंगे मुख्य वक्ता
गौरतलब हैं कि लीगल एजुकेशन संस्थान के तत्वावधान में 11 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाली “नेशनल वर्कशॉप ऑन न्यू क्रिमिनल लॉज़” के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. आर. वेंकटा राव होंंगे.

डॉ राव इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च गोवा के संस्थापक कुलपति हैं. यह विश्वविद्यालय बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट (पर्ल फर्स्ट) द्वारा 2022 में स्थापित किया गया था.
डॉ. राव पूर्व में NLSIU बेंगलुरु के कुलपति रह चुके हैं और उन्हें 45 वर्षों का शिक्षण एवं अनुसंधान का अनुभव है
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य देश में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, व्याख्या और व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करना है.
साथ ही पुराने और नए विधानों के बीच के अंतर्संबंधों, न्यायिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और व्यावसायिक अधिवक्ताओं के लिए यह कार्यशाला अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी.
कार्यशाला में लॉ स्टूडेंट, हाल ही ग्रेज्यूएट हुए लॉ स्टूडेंट, न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे लॉ स्टूडेंट, अधिवक्ता, कानूनी पेशेवर,शिक्षाविद् एवं प्रोफेसरगण, कानूनी शोधार्थी एवं रिसर्च स्कॉलर्स इसमें शामिल हो सकते हैं.
कार्यशाला में भाग लेने के लिए इस लिंक पर क्लीक कर सकते हैं.
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeS0p9LifXjZY-6XbxAfQ-GNrO_OmsBAYeGv9l8Ei5ugFM1-A/viewform