जयपुर, 6 सितंबर
प्रदेश की राजधानी जयपुर में शनिवार का दिन बेहद खास रहा. राजधानी के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित विशेष सक्षम बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिता में जिलेभर से आए बच्चों का हुनर देख सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जज भी चकित रह गए.
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर देशभर में ‘विधिक चेतना अभियान 2025 – उड़ान 2.0’ के तहत विशेष सक्षम बच्चों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं.

अभियान के तहत ही राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जयपुर जिले के विशेष सक्षम बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित कि जा रही हैं.
बच्चो के हुनर देखने पहुंचे अधिकांश हाईकोर्ट जज
खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान विशेष सक्षम बच्चों के हुनर को देखने सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस जे के माहेश्वरी मुख्य अतिथी के रूप में मौजूद रहें.

वहीं रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एस पी शर्मा, जस्टिस पी एस भाटी, जस्टिस इन्द्रजीत सिंह, जस्टिस महेंद्र गोयल, जस्टिस विनोद कुमार भारवानी, जस्टिस उमाशंकर व्यास, जस्टिस शुभा मेहता, जस्टिस अनिल कुमार उपमन, जस्टिस अशोक कुमार जैन, जस्टिस भुवन गोयल, जस्टिस आशुतोष कुमार, जस्टिस आनंद शर्मा, जस्टिस संदीप तनेजा, जस्टिस रवि चिरानिया, जस्टिस संगीता शर्मा और रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा ने भी बच्चो के हुनर को देखा.
विशेष सक्षम बच्चों के कठिन प्रयासों को देखकर सभी जजों ने सराहना करते हुए सभी को आशीर्वाद भी दिया.
न्यायपालिका की प्राथमिकता
खेलकूद प्रतियोगिता से पूर्व उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया .सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस जे के माहेश्वरी ने इस खेलकूद प्रतियोगिता का उदघाटन किया.
उन्होने उद्घाटन समारोह को सबोधित करते हुए जस्टिस जे के माहेश्वरी ने कहा कि विधिक जागरूकता समाज के हर वर्ग के लिए आवश्यक है.
उन्होने कहा कि विशेष रूप से सक्षम बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देना और उन्हे मुख्यधारा में लाना न्यायपालिका की प्राथमिकता है.
उन्होंने विभिन्न खेलों में भाग ले रहे स भी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं.
माता पिता के त्याग को सराहा
समारोह को राजस्थान हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज और रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एस पी शर्मा ने संबोधित करते हुए बच्चों के माता-पिता का आभार जताते हुए कहा कि इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए उनके परिवार द्वारा किया गए समझौते, प्रयास और त्याग ही मुख्य कारण है कि ये बच्चें आज खेल खेल में अपना हुनर दिखा रहे हैं.
जस्टिस एस पी शर्मा ने विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए रालसा के अधिकारियों और प्रदेशभर के प्रभारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी सराहा.
बच्चों को किया सम्मानित
समारोह में मुख्य अतिथी सहित जस्टिस एस पी शर्मा, हाईकोर्ट जस्टिस पी एस भाटी ने प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान किए, जबकि सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया.
समारोह में रालसा के सदस्य सचिव डॉ हरिमोहन शर्मा अत्री, निदेशक वंदना राठौड़, संयुक्त सचिव लोकेन्द्र सिंह शेखावत, संयुक्त सचिव कमल छंगाणी, स्पेशल सेक्रेटरी डॉ प्रियंका पारीक, डिप्टी सेक्रेटरी रश्मी नवल और प्रदीप कुमावत सहित रालसा एवं डाल्सा के पदाधिकारी, बच्चों के शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे.