नई दिल्ली, 24 सितंबर
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के राज्य बार काउंसिल के चुनाव को लेकर स्पष्ट कर दिया हैं कि 31 जनवरी, 2026 तक पूर्व देश के सभी राज्य बार के चुनाव कराए जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को इस मामले में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश दिए हैं.
जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भूयान और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने Bar Council of India Certificate and Place of Practice (Verification) Rules, 2015 के नियम 32 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं.
गौरतलब हैं कि इस नियम के तहत ही BCI को राज्य बार काउंसिल के सदस्यों की अवधि बढ़ाने का अधिकार प्राप्त है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा “चूँकि राज्य बार काउंसिल के चुनाव दशकों से नहीं हुए हैं, हमने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के वरिष्ठ वकील से अनुरोध किया है कि सभी राज्य बार काउंसिल के चुनाव, यदि एक साथ नहीं तो चरणबद्ध तरीके से, 31 जनवरी, 2026 तक कराए जाएँ।”
अपराधी भी पहन लेते है वकीलों की पोशाक
फर्जी वकीलों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकीलों के LLB प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच चुनावों को अनिश्चितकाल तक स्थगित करने का कारण नहीं बन सकती.
सुनवाई के दौरान कोर्ट को जानकारी दी गई कि जांच में कुछ झूठे मतदाता सामने आए हैं.
जिस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल झूठे LLB प्रमाणपत्र वाले मतदाता ही नहीं, बल्कि कभी-कभी गंभीर अपराधी भी वकीलों की पोशाक पहनकर हिंसा में शामिल हो जाते हैं.
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दिवान ने अदालत को बताया कि केवल देश के 24 में से 23 राज्य बार काउंसिल उपस्थित हुए हैं और अधिकांश ने पिछले दो वर्षों से चुनाव नहीं कराए.
अधिवक्ता ने कहा कि चुनाव स्थगित नहीं किए जा सकते और नियम 32 की चुनौती की सुनवाई किसी भी तारीख पर की जा सकती है।
हम कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करेंगे
सुनवाई के दौरान BCI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. गुरु कृष्णकुमार ने अदालत से कहा कि BCI ने सभी राज्य बार काउंसिल को पत्र लिखा है और चुनाव की तैयारी जल्द से जल्द शुरू करने के लिए कदम उठाने को कहा है. उन्होंने कहा कि सत्यापन का काम आधा पूरा हो चुका है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “सत्यापन हो या नहीं, सभी राज्य बार काउंसिल के चुनाव 31 जनवरी तक कराए जाएँ.
कोर्ट ने कहा कि हमारी मंशा स्पष्ट हैं कि हम इस मामले में कोर्ट कमिशर नियुक्त करेंगे और जो हिस्सा नहीं लेंगे उन्हें अलग कर दिया जाएगा.
कोर्ट ने कहा कि जो राज्य बार काउंसिल चुनाव कराने को तैयार हैं, उन्हें रोका नही जाएगा.