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फलोदी सड़क हादसे पर Supreme Court ने राजस्थान सरकार और NHAI से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, मुख्य सचिव को बनाया पक्षकार, न्यायमित्र की भी नियुक्ति

Supreme Court takes suo motu cognizance of Phalodi accident; hearing on November 11

नई दिल्ली, 10 नवम्बर।

जोधपुर के फलोदी में श्रद्धालुओं से भरी टेंपो ट्रैवलर और ट्रेलर की टक्कर में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।

Supreme Court ने इस गंभीर सड़क दुर्घटना को जनहित का मामला मानते हुए स्वप्रेरणा प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है।

जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय विश्नोई की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए NHAI और राजस्थान सरकार से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब की है।

विस्तृत रिपोर्ट की तलब

Supreme Court ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि राजस्थान में सड़क सुरक्षा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Supreme Court ने NHAI को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर राजस्थान के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित सभी ढाबों, पेट्रोल पंपों, होटलों और अन्य स्थापनाओं की संख्या एवं उनकी स्थिति का ब्यौरा प्रस्तुत करे।

साथ ही Supreme Court ने सड़क की वर्तमान स्थिति, चौड़ीकरण और मरम्मत से जुड़ी जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करने का आदेश दिया है।

Supreme Court ने इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एस. नाडकर्णी को विशेष तौर पर कोर्ट की सहायता के लिए न्याय मित्र (Amicus Curiae) नियुक्त किया है।

मुख्य सचिव पक्षकार, सरकार का आश्वासन

Supreme Court ने उन्हें यह जिम्मेदारी देते हुए कहा कि यह केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

अदालत ने राजस्थान के मुख्य सचिव को मामले में पक्षकार बनाते हुए निर्देश दिया कि राज्य सरकार विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ सहयोग करेगी और सड़क सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाएगी।

श्रीकाकुलम हादसे पर भी लिया संज्ञान

Supreme Court ने राजस्थान के फालूदी में हुए हादसे के साथ ही आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में हाल ही में हुए एक अन्य घातक सड़क हादसे का भी संज्ञान लिया है।

Supreme Court ने इस मामले में भी आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को पक्षकार बनाते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

Supreme Court ने सड़क हादसों को लेकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एक एकीकृत नीति (Unified Policy) बनाना आवश्यक है, ताकि राजमार्गों पर सुरक्षा, ढांचागत नियमन और निगरानी को सुदृढ़ किया जा सके।

फलोदी हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत

गौरतलब है कि 2 नवम्बर को जोधपुर के सुरसागर इलाके के माली समाज के श्रद्धालु बीकानेर के कोलायत मंदिर से लौट रहे थे।

भीषण सड़क हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं घायल हुईं।

बापिणी क्षेत्र के मतोड़ा गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी टेंपो ट्रैवलर खड़े ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

सभी यात्री जोधपुर के सूरसागर इलाके के रहने वाले थे और देवउठनी एकादशी पर कोलायत स्थित कपिल मुनि आश्रम के दर्शन से लौट रहे थे।

हादसे में चार बच्चे, दस महिलाएं और ड्राइवर की मौत हुई।

सीएम और पीएम ने जताया था शोक

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की थी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

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