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नाबालिग से दुष्कर्म केस में आसाराम की उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील पर सुप्रीम कोर्ट नवंबर में करेगा सुनवाई, 27 अक्टूबर को पैरोल खत्म होने पर करना होगा सरेंडर

Supreme Court to Hear Asaram’s Rajasthan Rape Case Appeal in November; Surrender Required After Parole

नई दिल्ली। राजस्थान में 2013 के नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली अपील पर सुप्रीम कोर्ट नवंबर में सुनवाई करेगा।

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि 20 दिन की पैरोल पूरी होने और सरेंडर करने के बाद मामले में आगे सुनवाई होगी। आसाराम की पैरोल की अवधि 27 अक्टूबर को खत्म हो रही है।

आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई थी।

14 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से मामले का रिकॉर्ड मंगाने का भी निर्देश दिया।

इसमें डिजिटल और भौतिक, दोनों तरह के रिकॉर्ड शामिल होंगे। इनकी एक-एक कॉपी आसाराम, राज्य सरकार और पीड़िता को उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्थान केस में दोषसिद्धि और उम्रकैद को दी है चुनौती

आसाराम को 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा। आसाराम ने हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने बताया कि राजस्थान के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुका है।

स्वास्थ्य को लेकर पहले भी कोर्ट में हुई सुनवाई

पीड़िता की ओर से पेश वकील ने बताया कि आसाराम ने स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की थी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS से उनकी मेडिकल स्थिति की रिपोर्ट मंगाई थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश दिया था कि स्वास्थ्य बिगड़ने पर आसाराम दोबारा कोर्ट का रुख कर सकते हैं।

आसाराम के वकील ने हार्ट अटैक का किया दावा

सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने दावा किया कि उन्हें पिछली रात हार्ट अटैक आया था और वे ICU में भर्ती हैं।

हालांकि, यह जानकारी वकील ने कोर्ट में दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में इस दावे के आधार पर कोई अलग राहत दिए जाने का जिक्र नहीं है।

पीड़िता की ओर से पेश वकील ने भी आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पहले हुई सुनवाई और AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया।

वकील ने दोषसिद्धि पर उठाया सवाल

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

इस पर जस्टिस पारदीवाला ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट यह देखेगा कि बताई गई कानूनी खामी से पूरी दोषसिद्धि प्रभावित होती है या नहीं। कोर्ट ने संकेत दिया कि अपील में उठाए गए कानूनी सवाल पर सुनवाई की जाएगी।

आसाराम ने पत्नी से मिलने की जमानत याचिका वापस ली

सुप्रीम कोर्ट में 14 अक्टूबर को आसाराम की उस याचिका पर भी सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने बीमार पत्नी से मिलने के लिए गुजरात हाईकोर्ट के अस्थायी जमानत देने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी थी।

हालांकि, आसाराम की ओर से यह याचिका वापस ले ली गई।

यह मामला गुजरात के गांधीनगर में दर्ज 2013 के दुष्कर्म केस से जुड़ा है। इस मामले में गांधीनगर की सेशंस कोर्ट ने 2023 में आसाराम को एक शिष्या से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

आरोप था कि 2001 से 2006 के बीच अहमदाबाद स्थित आश्रम में उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। इस मामले में उनकी अपील गुजरात हाईकोर्ट में लंबित है।

सुनवाई के दौरान बताया गया कि आसाराम फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट से मिली 20 दिन की पैरोल पर बाहर हैं। इसके बाद पत्नी से मिलने के लिए अस्थायी जमानत की मांग वाली याचिका वापस ले ली गई।

राजस्थान और गुजरात सरकार ने दोनों मामलों का दिया हवाला

राजस्थान और गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि आसाराम दोनों राज्यों में दुष्कर्म के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आसाराम ने पहले स्वास्थ्य के आधार पर राजस्थान हाईकोर्ट में पैरोल मांगी थी, लेकिन उनकी अर्जी खारिज हो गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में दोबारा आवेदन किया और उन्हें 20 दिन की पैरोल मिल गई।

मेहता ने बताया कि गुजरात मामले में दोषसिद्धि के कारण आसाराम को रिहा नहीं किया जा सका था। इसके बाद उन्होंने पत्नी की बीमारी के आधार पर गुजरात हाईकोर्ट से अस्थायी जमानत मांगी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष के तीन प्रमुख गवाहों की हत्या हुई थी

सरेंडर के बाद नवंबर में सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आसाराम की पैरोल 27 अक्टूबर को खत्म हो रही है। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उनके सरेंडर करने पर अपील पर आगे सुनवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में मामले को सूचीबद्ध करने और ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड मंगाने का निर्देश दिया है।

फिलहाल आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार है। नवंबर में होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट उनकी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील में उठाए गए कानूनी सवालों पर विचार करेगा।

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