जयपुर, 1 दिसंबर
राजधानी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सोमवार को बड़े पैमाने पर बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया गया.
यह कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर-1 और महानगर 2 की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित की गई.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर-1 क्षेत्र में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) दीपेंद्र माथुर और द्वितीय क्षेत्र में एडीजे पल्लवी शर्मा के नेतृत्व में सोमवार अलसुबह औचक निरीक्षण दल ने अलग अलग मार्गो पर ये कार्यवाही की.
इस दौरान इन मार्गो पर चलने वाली स्कूल वैन, छोटे वाहन और बसों की गहन जांच की। बच्चों की सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई.
निरीक्षण के दौरान मोबाइल मजिस्ट्रेट, ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम भी मौजूद रही, जो नियमों के उल्लंघन पर तत्काल चालान व अन्य कानूनी कार्रवाई कर रही थी.
अधिकारियों ने बताया कि कई बाल वाहिनियों में क्षमता से अधिक 14 से 17 बच्चे तक बैठे मिले, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही है। ऐसी सभी वाहिनियों को मौके पर जप्त कर दिया गया.
वहीं कई वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। नियमों के अनुरूप न मिलने वाले वाहनों के चालान बनाए गए और उन्हें सुधार के निर्देश दिए गए.
निरीक्षण दल के अनुसार बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाली किसी भी स्कूल वैन या वाहन को बख्शा नहीं जाएगा.
औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि शहर में संचालित सभी बाल वाहिनियाँ सुरक्षित और नियमानुसार संचालित हों.
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसशुदा और मानकों का पालन करने वाले वाहनों में ही अपने बच्चों को भेजें, ताकि किसी भी दुर्घटना या जोखिम से बचा जा सके।