टोंक, 30 अक्टूबर 2025
अंता विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे नरेश मीणा को “थप्पड़ कांड” में मिली जमानत रद्द करने की मांग की गई है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से टोंक जिला अदालत में याचिका दायर कर जमानत निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
गौरतलब है कि SDM को थप्पड़ मारने के मामले में नरेश मीणा सशर्त जमानत पर बाहर हैं।
याचिका में नरेश मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्हें मिली जमानत अनुचित है और उसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि आरोपी द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया है और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते अभियोजन पक्ष ने अदालत से जमानत निरस्त करने की गुहार लगाई है।
नरेश मीणा का जवाब
मामले में नरेश मीणा की ओर से आज अदालत में जवाब पेश किया गया है।
नरेश मीणा ने अपने अधिवक्ता फतेहराम मीणा के माध्यम से दायर किए गए जवाब के साथ ही पेशी से छूट की भी मांग की है।
नरेश मीणा ने अदालत को बताया कि वह अंता विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं, जिसके लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि 11 नवंबर को मतदान प्रस्तावित है, जिसकी मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस समय वह अंता विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं और प्रचार अंतिम चरण में है।
पेशी से मांगी छूट
नरेश मीणा ने चुनाव पूर्ण होने तक पेशी से छूट मांगी है। उन्होंने अदालत से कहा कि इस मामले में बहस के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया जाए।
नरेश मीणा के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि जमानत रद्द करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य गलत हैं, और संपूर्ण याचिका मिथ्या तथ्यों पर आधारित है।
नरेश मीणा ने अदालत से अनुरोध किया कि इस जमानत निरस्तीकरण की अर्जी पर उनकी मौजूदगी में ही बहस की जाए, लेकिन वे 15 नवंबर के बाद ही उपस्थित हो सकेंगे।
गवाह को नहीं धमकाया
नरेश मीणा ने अपनी जमानत रद्द करने की अर्जी पर 15 नवंबर के बाद सुनवाई का अनुरोध करते हुए अदालत से कहा कि वर्तमान में इस मामले में कोई आपात स्थिति नहीं है।
उनका कहना है कि उन्होंने जमानत की सभी शर्तों का पालन किया है और किसी भी गवाह को धमकाया नहीं है।
नरेश मीणा ने चुनाव में व्यस्तता के कारण 15 नवंबर के बाद मामले की सुनवाई का अनुरोध किया है।
कोर्ट ने दी राहत
निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को टोंक जिला अदालत ने राहत देते हुए अब इस मामले पर 18 नवंबर को सुनवाई तय की है।
18 नवंबर को नरेश मीणा को मिली हुई जमानत रद्द करने की अर्जी पर बहस होगी।
नरेश मीणा के प्रार्थना पत्र को अदालत ने स्वीकार कर लिया है और दोनों पक्षों से जवाब तलब किया है।