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WIPO के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का पहला दिन: दुनिया भर के 500 से अधिक न्यायाधीशों के बीच भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा करेंगे संबोधित

WIPO Intellectual Property Judges Forum 2026: Indian Judges Participate, Justice Satish Chandra Sharma to Speak

कोपेनहेगन/जिनेवा। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की ओर से आयोजित 2026 WIPO Intellectual Property Judges Forum का आगाज हो गया है।

14 और 15 अक्टूबर को आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फोरम में दुनिया भर के 500 से अधिक न्यायाधीश और बौद्धिक संपदा कानून के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन के पहले दिन बुधवार को चार सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े विभिन्न न्यायिक और कानूनी विषयों पर चर्चा हुई।

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनीत कुमार माथुर सहित छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कर रहा है।

सम्मेलन के दूसरे दिन, गुरुवार 15 अक्टूबर को सुबह 9 बजे आयोजित होने वाले पांचवें सत्र में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा भी वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा करेंगे संबोधित

सम्मेलन के दूसरे दिन का पांचवां सत्र ‘IP at the Apex Courts’ विषय पर आयोजित होगा।

सुबह 9 बजे से 9:45 बजे तक होने वाले इस सत्र में सर्वोच्च न्यायालयों की भूमिका और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

सत्र में इस बात पर चर्चा होगी कि सर्वोच्च न्यायालय कानूनी निश्चितता सुनिश्चित करने, न्याय तक पहुंच बढ़ाने और बौद्धिक संपदा अधिकारों की व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करने में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं।

इसके साथ ही बौद्धिक संपदा कानून के विशिष्ट सिद्धांतों और सामान्य कानूनी सिद्धांतों के बीच सामंजस्य स्थापित करने तथा जनहित से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा होगी।

नई तकनीकों के कारण बौद्धिक संपदा से जुड़े मुकदमों में न्यायिक दृष्टिकोण किस प्रकार विकसित हो रहा है, यह भी सत्र का प्रमुख विषय रहेगा।

इस सत्र का संचालन मिस्र के काहिरा स्थित न्याय मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विभाग के वरिष्ठ सलाहकार और टांटा हाई कोर्ट ऑफ अपील्स के उपाध्यक्ष मोहम्मद एलजेंड करेंगे।

सत्र में जर्मनी के फेडरल कोर्ट ऑफ जस्टिस के दसवें सिविल पैनल के पीठासीन जज क्लाउस बैचर, भारत के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और फिलीपींस के सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट जस्टिस मारिया फिलोमेना डी. सिंह वक्ताओं के रूप में शामिल होंगे।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह ने उद्घाटन कार्यक्रम में लिया हिस्सा

WIPO सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 14 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक आयोजित हुआ। इसमें WIPO के महानिदेशक डैरेन टैंग का रिकॉर्डेड वीडियो संदेश निर्धारित था। उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह भी शामिल हुईं।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह WIPO Advisory Board of Judges की अध्यक्ष हैं। बौद्धिक संपदा अधिकारों के क्षेत्र में न्यायिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक संवाद को बढ़ावा देने में इस बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन WIPO Judicial Institute से जुड़ी लीगल काउंसलर नताली कार्लसन और WIPO Lex की लीगल ऑफिसर ग्रेस नकाबुगो ने किया।

राजस्थान हाईकोर्ट के लिए भी महत्वपूर्ण भागीदारी

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनीत कुमार माथुर की इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में भागीदारी राज्य की न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण है।

दुनिया भर के न्यायाधीशों और बौद्धिक संपदा कानून के विशेषज्ञों के बीच यह मंच भारतीय न्यायपालिका को अपने अनुभव साझा करने और अन्य देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं से सीखने का अवसर देता है।

विशेष रूप से पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और नई तकनीकों से जुड़े विवादों के बढ़ते महत्व के बीच ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न्यायिक सहयोग को मजबूत करने और बौद्धिक संपदा कानून के क्षेत्र में बेहतर समझ विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।

गौरतलब है कि यह फोरम 15 अक्टूबर को संपन्न होगा। दूसरे दिन का पांचवां सत्र भारतीय समय के बजाय सम्मेलन के स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे निर्धारित है।

भारत से छह प्रतिनिधि ले रहे हैं हिस्सा

WIPO की ओर से जारी सम्मेलन की सूची में भारत के छह प्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं। इनमें न्यायपालिका के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बौद्धिक संपदा प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा — सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया।

जस्टिस विनीत कुमार माथुर — राजस्थान हाईकोर्ट।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह — दिल्ली हाईकोर्ट।

जस्टिस अमित जमसंदेकर — बॉम्बे हाईकोर्ट।

मोहित प्रसाद — सिविल जज एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा।

बी. लक्ष्मी बोस — चेन्नई स्थित ट्रेडमार्क, भौगोलिक संकेतक और कॉपीराइट से संबंधित कार्यालय की सहायक रजिस्ट्रार।

इस प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी भारत में बौद्धिक संपदा अधिकारों के न्यायिक संरक्षण और प्रशासन से जुड़े अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा करने का अवसर प्रदान करेगी।

पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से जुड़े मुद्दों पर होगा मंथन

14 और 15 अक्टूबर को आयोजित इस फोरम का मुख्य उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े न्यायिक अनुभवों, कानूनी चुनौतियों और विभिन्न देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान करना है।

सम्मेलन में पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण, उनसे संबंधित विवादों के निस्तारण तथा न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न देशों के न्यायाधीश अपने-अपने न्यायक्षेत्रों में अपनाए जाने वाले दृष्टिकोण और सामने आने वाली चुनौतियों को साझा कर रहे हैं।

तेजी से विकसित हो रही तकनीकों के दौर में बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े विवादों की प्रकृति भी बदल रही है। ऐसे में विभिन्न न्यायिक प्रणालियों के बीच संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान भविष्य की कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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