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राजस्थान ACJ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट जज के आरोपों का किया खंडन -आरोप झूठे और तथ्यहीन, CJI को प्रूफ के साथ भेजा हैं अपना पक्ष

Rajasthan HC ACJ Sanjeev Sharma Calls Allegations False, Responds to SC Judge Sandeep Mehta

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर चल रहे घटनाक्रम के बीच अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है।

जस्टिस शर्मा ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें “बेबुनियाद, झूठे और तथ्यहीन” बताया है।

जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने बुधवार को मीडिया के लिए जारी अपने बयान में कहा कि पिछले दिनों मीडिया और सोशल मीडिया में राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़े घटनाक्रम को लेकर जो बातें सामने आई हैं, उनके संदर्भ में वे सभी आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं।

“आरोपों का प्रमाण के साथ दिया जवाब”

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में उन्होंने अपना विस्तृत पक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत को भेज दिया है।

उन्होंने कहा कि जस्टिस संदीप मेहता के लिखित पत्रों में लगाए गए आरोपों का उन्होंने प्रमाण और तथ्यों के साथ खंडन किया है। जस्टिस शर्मा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और तथ्यहीन हैं।

CJI के फैसले तक धैर्य रखने की अपील

जस्टिस शर्मा ने मीडिया, अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित लोगों से अपील की कि इस पूरे मामले में न्याय के सिद्धांत और न्यायपालिका की संस्थागत प्रक्रिया का सम्मान करते हुए CJI के निर्णय तक धैर्य रखा जाए।

उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय आने पर और CJI की स्वीकृति मिलने के बाद वे स्वयं मीडिया के सामने आकर अपना विस्तृत पक्ष रखेंगे।

ACJ बोले- आरोपों का सबूत के साथ जवाब दिया

अब ACJ शर्मा ने इन आरोपों पर अपना लिखित पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि जस्टिस मेहता के पत्रों में लगाए गए आरोप निराधार, झूठे और तथ्यहीन हैं।

ACJ शर्मा ने कहा कि उन्होंने इस मामले में अपना पक्ष CJI सूर्यकांत के सामने रख दिया है। उन्होंने आरोपों का प्रमाण के साथ जवाब देने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सही समय आने पर CJI की अनुमति से वह खुद मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखेंगे।

फिलहाल वह मामले में CJI के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा ने कहा-

मैं मीडिया, वकील बंधुओं और अन्य से भी करबद्ध अपील करता हूं कि न्याय के सिद्धांत का मान रखते हुए सीजेआई के निर्णय तक धैर्य रखें। मैं भारतीय न्याय प्रणाली पर पूर्ण विश्वास रखता हूं। वहीं जल्द ही सही समय आने पर सीजेआई द्वारा स्वीकृती मिलने पर स्वयं मीडिया के समक्ष आ कर अपना पक्ष रखूंगा, तब तक धैर्य रखें।

मीडिया और वकीलों से ACJ शर्मा की अपील

ACJ शर्मा ने मीडिया, वकील बंधुओं और अन्य लोगों से अपील की है कि वे न्याय के सिद्धांत और न्यायपालिका की गरिमा को ध्यान में रखते हुए CJI के निर्णय तक धैर्य रखें।

उन्होंने साफ कहा कि वह जल्दबाजी में मीडिया के सामने अपना कोई भी पक्ष नहीं रखना चाहते।

जब सही समय आएगा और CJI की स्वीकृति मिलेगी, तब वह खुद मीडिया के सामने आकर पूरे मामले पर अपनी बात रखेंगे।

फिलहाल इस विवाद में एक तरफ जस्टिस संदीप मेहता की ओर से CJI को भेजे गए पत्र और दूसरी तरफ ACJ संजीव प्रकाश शर्मा का लिखित जवाब सामने है।

अब आगे की नजर CJI सूर्यकांत के स्तर पर होने वाली कार्रवाई और फैसले पर है।

जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखे थे तीन पत्र

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की भूमिका और कार्यप्रणाली को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को तीन पत्र लिखे थे।

इन पत्रों में जस्टिस शर्मा पर पद और अधिकारों के कथित दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। जस्टिस मेहता ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया था कि जस्टिस शर्मा साथी न्यायाधीशों को तबादले की धमकी देते हैं और स्वयं को CJI के करीबी के तौर पर प्रस्तुत करते हैं।

जस्टिस मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग भी उठाई थी। उनका कहना था कि स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मुद्दे की लगातार अनदेखी न्यायिक संस्था के हित में नहीं है।

2, 10 और 17 अगस्त को लिखे गए थे पत्र

सामने आई जानकारी के अनुसार जस्टिस संदीप मेहता ने 2 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त 2026 को CJI को पत्र लिखे थे। इन पत्रों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को हटाने और राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की मांग से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।

अब जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की ओर से आरोपों को प्रमाणों के साथ खारिज कि

वकीलों के विरोध के बीच भी बढ़ा मामला

यह विवाद सिर्फ जजों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा है। जस्टिस संदीप मेहता के पत्र सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के वकीलों के एक वर्ग ने भी ACJ शर्मा के खिलाफ विरोध जताया था।

जयपुर में वकीलों ने ACJ की कोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। वहीं जोधपुर में भी ACJ को हटाने की मांग को लेकर वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया है।

ऐसे में अब ACJ शर्मा के बयान से इस पूरे विवाद में उनका पक्ष भी सामने आ गया है।

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