जयपुर, 13 अक्टूबर
राजधानी जयपुर में सचिवालय के पीछे योजना भवन के बेसमेंट में मिले 2.31 करोड़ रुपए की नकदी और 1 किलो सोना बरामद होने के मामले में आरोपी DOIT Joint Director वेद प्रकाश यादव को Rajasthan Highcourt से राहत नहीं मिली हैं.
ईडी मामलो की विशेष अदालत द्वारा इस मामले में लिए प्रसंज्ञान आदेश को Rajasthan Highcourt ने रद्द करने से इंकार कर दिया हैं.
अब इस मामले में निचली अदालत में आरोपी DOIT Joint Director वेद प्रकाश यादव के खिलाफ ट्रायल जारी रहेगी.
जस्टिस अनुप कुमार ढंड की एकलपीठ ने वेद प्रकाश यादव की ओर से प्रसंज्ञान आदेश के खिलाफ दायर निगरानी याचिका को खारिज कर दिया हैं.
जयपुर की पीएमएलए विशेष अदालत ने 21 मार्च 2024 को आरोपी वेदप्रकाश के खिलाफ प्रसंज्ञान आदेश पारित किया था.
बचाव पक्ष की दलील
Rajasthan Highcourt में दायर याचिका में आरोपी DOIT Joint Director वेद प्रकाश यादव की ओर से कहा गया कि इस मामले में उसके खिलाफ बिना अभियोजन स्वीकृती के ही मुकदमा दर्ज किया गया है.
इस मामले में अदालत में ईडी की ओर से उनके खिलाफ विभागीय अभियोजन स्वीकृती नहीं ली गयी हैं. ऐसे में अदालत द्वारा लिया गया प्रसंज्ञान आदेश विधिसम्मत नहीं हैं
वेद प्रकाश यादव की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में दलील दी गई कि वह एक सरकारी कर्मचारी हैं और उसके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति (prosecution sanction) के बिना विशेष अदालत द्वारा प्रसंज्ञान नहीं लिया जा सकता था।
अभियोजन की दलील
अभियोजन पक्ष में ED की ओर से अधिवक्ता अक्षय भारद्वाज आरोपी की याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी का कृत्य किसी सरकारी कार्य के निर्वहन से संबंधित नहीं था.
अधिवक्ता ने कहा कि विभागीय अलमारी में इतनी बड़ी नकदी और सोना छिपाकर रखना उसके आधिकारिक दायित्व का हिस्सा नहीं हो सकता, इसलिए इस मामले में अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं थी.
हाईकोर्ट का आदेश
दोनो पक्षों की बहस सुनने के बाद Justice Anoop Kumar Dhand ने अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमत होते हुए कहा कि
“इतनी बड़ी मात्रा में अवैध नकदी और सोना कार्यालय की अलमारी में रखना किसी भी सरकारी कार्य का हिस्सा नहीं हो सकता, अतः अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।”
इसके साथ ही जस्टिस अनुप कुमार ढंड की एकलपीठ ने वेद प्रकाश यादव की ओर से प्रसंज्ञान आदेश के खिलाफ दायर निगरानी याचिका को खारिज कर दिया हैं.
जयपुर की पीएमएलए विशेष अदालत ने 21 मार्च 2024 को आरोपी वेदप्रकाश के खिलाफ प्रसंज्ञान आदेश को बहाल रखा हैं.
ये हैं मामला
राजधानी जयपुर स्थित योजना भवन के यूआईडी शाखा के बेसमेंट में फाइल स्कैनिंग कार्य के दौरान 19 मई 2023 को दो बंद अलमारियों के ताले तोड़े गए.
इनमें से एक अलमारी में फाइलें मिलीं, जबकि दूसरी में दो बैग – एक बैकपैक और एक लॉक किया हुआ ट्रॉली बैग पाए गए.
जब इन्हें खोला गया तो इनमें ₹500 और ₹2000 के नोटों में कुल ₹2,31,49,500 नकद और लगभग ₹61,80,000 मूल्य का एक किलो सोने के बिस्किट मिले.
घटना के बाद एसीबी, जयपुर ने disproportionate assets (आय से अधिक संपत्ति) का मामला दर्ज किया और चार्जशीट दाखिल की.
मामले में एसीबी ने आरोपी अधिकारी DOIT Joint Director वेद प्रकाश यादव के पास कुल ₹3,35,88,860 मूल्य की अवैध संपत्ति पाई गई।
इसी आधार पर ईडी ने भी ECIR दर्ज करते हुए 9 अगस्त 2023 को यादव को गिरफ्तार किया था।