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राजस्थान बार काउंसिल चुनाव 2026 के लिए आदर्श आचार संहिता लागू : गड़बड़ी पर सीधे अयोग्यता की कार्रवाई

Supervisory Committee Stays Order Placing Rajasthan and Himachal Bar Councils Under Special Committees

रिश्वत, डिजिटल दुष्प्रचार, वाहन सुविधा और मतदान केंद्र के आसपास प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध; उल्लंघन करने वालों का नामांकन रद्द कर रोल से हटाने तक की चेतावनी

जोधपुर। राजस्थान बार काउंसिल चुनाव 2026 को लेकर हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने आदर्श आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

23 फरवरी 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी बार एसोसिएशनों को निर्देशित किया गया है कि वे इस आचार संहिता को अपने नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से चस्पा करें और सभी अधिवक्ताओं तक इसकी जानकारी पहुंचाएं

आचार संहिता मतगणना प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रभावी रहेगी।

चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस कोड में उम्मीदवारों की पात्रता, प्रचार-प्रसार के नियम, डिजिटल आचरण, मतदान दिवस की व्यवस्थाएं और उल्लंघन पर दंड का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।

उम्मीदवारों के लिए सख्त पात्रता मानदंड

आचार संहिता के अनुसार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री और प्रमाणपत्र धारक होना आवश्यक है।

वह पूर्णकालिक रूप से प्रैक्टिस करने वाला अधिवक्ता हो और किसी अन्य नौकरी या पेशे, जैसे हैंडराइटिंग एक्सपर्ट या प्रोफेशनल गवाह के रूप में कार्यरत न हो।

इसके अलावा, उम्मीदवार किसी गंभीर आपराधिक मामले (सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराध) में आरोपित नहीं होना चाहिए।

यदि चुनाव से नौ महीने पहले तक किसी गंभीर आपराधिक प्रकरण में मामला लंबित है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा।

साथ ही, पिछले नौ महीनों में राजस्थान बार काउंसिल या बार काउंसिल ऑफ इंडिया की किसी अनुशासनात्मक समिति द्वारा दंडित, निलंबित या डिबार किया गया अधिवक्ता भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा

स्पष्ट किया गया है कि केवल वे ही अधिवक्ता, जिनका नाम राजस्थान बार काउंसिल की निर्वाचक सूची में दर्ज है, चुनाव प्रक्रिया में किसी भी रूप में भाग ले सकेंगे। गैर-पंजीकृत व्यक्ति समर्थक, एजेंट या काउंटिंग एजेंट के रूप में भी शामिल नहीं हो पाएंगे।

भ्रष्ट आचरण और अनुचित प्रभाव पर कड़ी रोक

आचार संहिता में ‘करप्ट प्रैक्टिस’ की विस्तृत परिभाषा दी गई है।

किसी भी मतदाता या प्रत्याशी को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उपहार, धन, मनोरंजन, रोजगार या किसी भी प्रकार का लाभ देकर प्रभावित करना भ्रष्ट आचरण माना जाएगा। इसमें चुनाव लड़ने या न लड़ने, नाम वापस लेने, या मतदान करने अथवा न करने के लिए प्रलोभन देना शामिल है

‘ग्रैटिफिकेशन’ की परिभाषा को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि किसी भी प्रकार का मनोरंजन, आतिथ्य या रोजगार भी इसके दायरे में आएगा।

यदि कोई व्यक्ति मतदान पत्र हासिल कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता है कि वोट किसी विशेष उम्मीदवार को ही जाए, तो इसे मताधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में हस्तक्षेप माना जाएगा।

मतदान केंद्र से 200 गज की दूरी तक प्रचार पर रोक

आचार संहिता के अनुसार, चुनाव के दिन मतदान केंद्र से 200 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का प्रचार, अपील या वोट मांगना प्रतिबंधित रहेगा।

हालांकि, सामान्य रूप से उम्मीदवारी की सूचना देना और प्रथम वरीयता वोट का अनुरोध करना ‘अनुचित प्रभाव’ की श्रेणी में नहीं आएगा, बशर्ते उसमें कोई प्रचारात्मक या आत्म-प्रशंसात्मक सामग्री शामिल न हो

वाहनों से मतदाताओं को लाना-ले जाना प्रतिबंधित

चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए किसी भी उम्मीदवार या समर्थक द्वारा वाहन किराए पर लेकर मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

यह नियम मतदान दिवस के साथ-साथ पूरे चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास पर लागू होगा

डिजिटल प्रचार पर सख्त निगरानी

वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डिजिटल आचरण पर विशेष प्रावधान किए गए हैं।

कोई भी उम्मीदवार सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठी, भ्रामक या अप्रमाणित जानकारी प्रसारित नहीं कर सकेगा।

डीपफेक या एआई से तैयार किए गए भ्रामक वीडियो, ऑडियो या चित्रों का प्रसार पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।

किसी भी प्रकार की ‘पेड न्यूज’ या समाचार के रूप में छिपे प्रचार को भी निषिद्ध किया गया है।

उम्मीदवारों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की नियमित निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है

बार एसोसिएशन के संसाधनों का दुरुपयोग वर्जित

जो अधिवक्ता वर्तमान या पूर्व में किसी बार एसोसिएशन, बार काउंसिल, राजनीतिक दल या अन्य संस्था में पद पर रहे हैं, वे उस मंच या उसके नाम का उपयोग किसी भी उम्मीदवार के प्रचार के लिए नहीं कर सकेंगे।

बार एसोसिएशन की इमारत, संसाधन या फंड का उपयोग व्यक्तिगत या किसी अन्य उम्मीदवार के प्रचार के लिए करना भी प्रतिबंधित रहेगा

प्रचार सामग्री पर भी नियंत्रण

प्रचार कार्ड का आकार अधिकतम 4 x 6 इंच निर्धारित किया गया है। न्यायालय परिसर की दीवारों या भवनों पर पोस्टर, पंपलेट या किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री चस्पा करना सख्त मना है।

प्रचार सामग्री में उम्मीदवार का नामांकन संख्या और नामांकन तिथि स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य किया गया है

मतदान दिवस पर विशेष प्रावधान

मतदान शुरू होने से 36 घंटे पूर्व किसी भी प्रकार का प्रचार पूर्णतः बंद करना होगा। म

तदान दिवस पर किसी भी तरह का प्रचार, नारेबाजी या प्रभाव डालने की कोशिश प्रतिबंधित रहेगी।

मतदान केंद्र में केवल अधिकृत पहचान पत्रधारी मतदाता ही प्रवेश कर सकेंगे।

मोबाइल फोन, कैमरा, स्कैनर जैसे उपकरणों का उपयोग मतदान कक्ष और हॉल में पूर्णतः वर्जित रहेगा।

लाउडस्पीकर, मेगाफोन या ध्वनि-वर्धक उपकरणों का प्रयोग भी प्रतिबंधित रहेगा

चुनाव अवधि में हथियार रखने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। मतदान के दिन किसी प्रकार के खाद्य पदार्थ की अनुमति नहीं होगी, केवल पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

आचार संहिता में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की ‘मसल पावर’ का उपयोग, वित्तीय अनियमितता या नियमों का उल्लंघन दुराचार माना जाएगा।

ऐसे मामलों में उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जा सकता है और उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है।

गंभीर मामलों में राजस्थान बार काउंसिल की मतदाता सूची से नाम हटाने तक की कार्रवाई संभव है

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