जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर परिसर में बुधवार को एक अधिवक्ता के साथ मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है।
घटना के बाद संबंधित अधिवक्ता की ओर से थाना अशोक नगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं, मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते हुए प्रशासन को पत्र लिखा है।
26 फरवरी को सुबह करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच कुछ लोग हाईकोर्ट परिसर स्थित एक चैंबर में घुस गए और अधिवक्ता के साथ मारपीट की।
बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या 30 से 40 के बीच थी।
आरोप है कि आरोपियों ने अधिवक्ता के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। घटना के दौरान चैंबर में रखे दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पीड़ित अधिवक्ता की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर थाना अशोक नगर में नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बार ने लिखा पत्र
घटना के बाद अधिवक्ताओं में रोष का माहौल है। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है।
यदि कोर्ट परिसर में ही वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है।

इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने इस घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा की ओर से रजिस्ट्रार (प्रशासन) को पत्र लिखकर न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि हाल ही में हुई मारपीट की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सख्त पहचान व्यवस्था
बार एसोसिएशन ने पत्र में सुझाव दिया है कि न्यायालय परिसर में प्रवेश के लिए सख्त पहचान व्यवस्था लागू की जाए, सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच अनिवार्य की जाए, अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए तथा सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, अनाधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने की भी मांग की गई है।
बार पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि न्यायालय परिसर एक पवित्र और संवेदनशील स्थान है, जहां शांति और अनुशासन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हाईकोर्ट प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।