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SI भर्ती 2021 को लेकर बड़ी खबर: चयनित अभ्यर्थी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, भर्ती बचाने की गुहार

Rajasthan SI Recruitment 2021 Row: Selected Candidates Move Supreme Court After High Court Cancels Exam

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की चर्चित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 एक बार फिर सुर्खियों में है।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब चयनित अभ्यर्थियों ने देश की सर्वोच्च अदालत, Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया है।

अभ्यर्थियों ने स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दाखिल कर भर्ती को यथावत बनाए रखने की मांग की है।

दरअसल, इससे पहले Rajasthan High Court ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द करने का आदेश दिया था, जिसके बाद हजारों चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अब ये अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं और उन्होंने अपने चयन को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

एसआई भर्ती 2021 राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए आयोजित की गई थी। भर्ती के दौरान पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा। लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया।

एकलपीठ के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भी एसआई भर्ती को रद्द कर दिया था.

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में भारी निराशा फैल गई।

उनका कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की है, ऐसे में पूरी भर्ती रद्द करना न्यायसंगत नहीं है।

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सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग?

अभ्यर्थियों ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि:

भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द न किया जाए
जिन अभ्यर्थियों का चयन वैध तरीके से हुआ है, उन्हें सेवा में बनाए रखा जाए
दोषियों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाए

अभ्यर्थियों का तर्क है कि कुछ लोगों की गलती की सजा सभी को देना उचित नहीं है। उन्होंने कोर्ट से यह भी कहा है कि वे लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।

मई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई संभव

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट मई 2026 के दूसरे सप्ताह में सुनवाई कर सकता है। इस सुनवाई पर हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यही फैसला उनके करियर की दिशा तय करेगा।

अचयनित अभ्यर्थियों की दायर है कैवियट

गौरतलब हैं कि इस मामले में अचयनित अभ्यर्थियों की ओर से पहले ही कैवियट दायर की जा चुकी हैं.

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