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नहीं छूट रहा IAS को पद का मोह, पद छोड़ने के बाद भी आदेश कर रहे जारी-IAS जुइकर प्रतिक चंद्रशेखर को राजस्थान हाईकोर्ट का नोटिस

Rajasthan High Court Issues Notice to IAS Officer Over Alleged Continuation on Post After Transfer
IAS अधिकारी के पद पर बने रहने को चुनौती, सरकार और अधिकारी को नोटिस जारी

जयपुर। राज्य में बेहद महत्वपूर्ण विभागों के पदों पर एक अधिकारी द्वारा दो पद संभालने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है।

अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार वाले पद का मोह इतना है कि उस पर दूसरे आईएएस अधिकारी की नियुक्ति होने के बाद भी पद नहीं छोड़ पा रहे हैं।

ऐसे ही एक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय विभाग में निदेशक एवं विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार देख रहे IAS जुइकर प्रतिक चंद्रशेखर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

क्या है मामला

याचिकाकर्ता जितेन्द्र चौधरी ने हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका में आरोप लगाया कि IAS अधिकारी जुइकर प्रतिक चंद्रशेखर को पहले स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन), जयपुर के निदेशक पद के साथ स्थानीय निकाय विभाग में निदेशक एवं विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

बाद में राज्य सरकार ने 21 नवंबर 2025 को वरिष्ठ IAS अधिकारी रवि जैन को स्थानीय स्वशासन विभाग का सचिव एवं आयुक्त नियुक्त कर दिया।

याचिका के अनुसार रवि जैन ने 24 नवंबर 2025 को विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया, जिसके बाद अतिरिक्त प्रभार स्वतः समाप्त हो जाना चाहिए था।

याचिका में कहा गया कि इसके बावजूद जुइकर प्रतिक चंद्रशेखर कथित रूप से स्थानीय निकाय विभाग में निदेशक एवं विशेष सचिव के रूप में कार्य करते रहे और विभिन्न प्रशासनिक आदेश जारी करते रहे।

याचिका में लगाए गए आरोप

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने विभागीय वेबसाइट पर भी स्वयं को उसी पदनाम से प्रदर्शित किया तथा निविदाओं एवं प्रशासनिक आदेशों पर हस्ताक्षर किए।

याचिकाकर्ता का दावा है कि राजस्थान नगरपालिकाएं अधिनियम, 2009 के तहत स्थानीय निकाय विभाग में सचिव-सह-आयुक्त का पद एक नियमित पद है और एक समय में केवल अधिकृत अधिकारी ही उस पद के अधिकारों का उपयोग कर सकता है।

याचिका में इसे “सार्वजनिक पद का अवैध अधिग्रहण” बताते हुए कोर्ट से ‘क्वो वारंटो’ रिट जारी करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रदीप माथुर, दीपेश शर्मा और अनुश्री माथुर ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि 20 अप्रैल 2026 को राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया।

याचिका में मांग की गई है कि अदालत संबंधित अधिकारी को पद पर बने रहने से रोके और स्थानीय निकाय विभाग के प्रशासनिक अधिकार केवल विधिवत नियुक्त अधिकारी के माध्यम से संचालित करने के निर्देश जारी करे।

हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

बहस सुनने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

इसके साथ ही इस मामले में IAS जुइकर प्रतिक चंद्रशेखर को क्वो वारंटो नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को एडवोकेट जनरल और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल कार्यालय में याचिका की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अदालत ने मामले को एक सप्ताह बाद पुनः सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रदीप माथुर, दीपेश शर्मा और अनुश्री माथुर ने पैरवी की।

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