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प्रदेश की न्यायपालिका में बड़ा फेरबदल, 805 न्यायिक अधिकारियों के तबादले, देर शाम तक जारी हो सकती है सूची!

Major Reshuffle in Rajasthan Judiciary: 805 Judicial Officers Transferred

जयपुर। राजस्थान की न्यायपालिका में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। तबादलों की ये जंबो लिस्ट आज देर शाम या रात तक जारी हो सकती हैं.

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने राज्यभर में 805 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस निर्णय को न्यायिक व्यवस्था में प्रशासनिक संतुलन और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति द्वारा तैयार की गई तबादला सूची को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी मिल चुकी है। आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद इन तबादलों की सूची कभी भी सार्वजनिक की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कई जिलों में न्यायिक कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए अधिकारियों का पुनर्विन्यास किया गया है। इस व्यापक फेरबदल से प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

विभिन्न स्तरों पर हुए तबादले

हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले आदेशों के अनुसार नए बैंच के 339 न्यायिक अधिकारियों को ट्रांसफर के जरिए नई पोस्टिंग दी गई है।

इसके अलावा 158 एसीजेएम स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

वहीं 43 सीजेएम, 181 एडीजे और 84 डीजे कैडर के न्यायिक अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। न्यायिक विभाग में इसे अब तक के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में से एक माना जा रहा है।

न्यायिक अधिकारियों के इस बड़े स्तर पर हुए पुनर्विन्यास से प्रदेशभर की अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण और न्यायिक कार्यप्रणाली में सुधार की संभावना जताई जा रही है। न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर व्यापक चर्चा बनी हुई है।

186 न्यायिक अधिकारियों को मिला प्रमोशन

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने प्रदेश की न्यायपालिका में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ-साथ 186 न्यायिक अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की है। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को विभिन्न महत्वपूर्ण न्यायिक पदों पर नियुक्त किया जाएगा। इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी निर्णय के अनुसार, 80 मुंसिफ अधिकारियों को पदोन्नत कर एसीजेएम (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) बनाया गया है। वहीं 85 एसीजेएम स्तर के अधिकारियों को एडीजे (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) पद पर पदोन्नति दी गई है।

इसके अलावा 21 एडीजे स्तर के न्यायिक अधिकारियों को डीजे (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) स्तर पर प्रमोट किया गया है। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों और न्यायालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

न्यायिक विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन पदोन्नतियों से न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। प्रदेश की न्यायपालिका में हुए इस बड़े निर्णय को लेकर न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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