जयपुर। राजस्थान क्रिकेट जगत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश Justice Ajay Rastogi ने Rajasthan Cricket Association (RCA) के लोकपाल पद से इस्तीफा दे दिया है।
खास बात यह है कि उनके इस्तीफे को दिए हुए करीब दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरसीए की ओर से इस पर कोई औपचारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि RCA की एडहॉक कमेटी ने अक्टूबर 2025 में जस्टिस अजय रस्तोगी को लोकपाल नियुक्त किया था।
इस नियुक्ति की जानकारी राजस्थान हाईकोर्ट को भी दी गई थी।
आरसीए की जनरल बॉडी में अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ-साथ लोकपाल नियुक्ति का अधिकार सर्वसम्मति से एडहॉक कमेटी के कन्वीनर डीडी कुमावत को सौंपा गया था।
व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला
करीबी सूत्रों के अनुसार जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए लोकपाल पद पर सेवाएं देने में असमर्थता जताई है।
बताया जा रहा है कि करीब दो माह पूर्व उन्होंने एडहॉक कमेटी को अपना इस्तीफा भेज दिया था और साथ ही इस पद से संबंधित किसी भी प्रकार का कार्य करने में असमर्थता भी स्पष्ट कर दी थी।
हालांकि, इतने समय बीत जाने के बाद भी RCA उनके इस्तीफे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है।
सूत्रों के मुताबिक जस्टिस रस्तोगी लगातार अपने इस्तीफे को स्वीकार किए जाने को लेकर भी सूचना दे चुके हैं।
RCA की कार्यप्रणाली से असहमति की चर्चा
सूत्रों का यह भी कहना है कि जस्टिस अजय रस्तोगी ने भले ही अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हों, लेकिन वे आरसीए में चल रही कार्यप्रणाली और कुछ गतिविधियों से सहमत नहीं थे।
माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने संगठन से दूरी बनाना उचित समझा।
लोकायुक्त पद से भी इनकार
सूत्रों के अनुसार जस्टिस अजय रस्तोगी ने राजस्थान के लोकायुक्त बनने से भी इनकार कर दिया है। जिसके चलते अब राजस्थान में लोकायुक्त का पद सितंबर तक खाली रह सकता है।
दिल्ली में निवासरत, जयपुर से है जुड़ाव
वर्तमान में दिल्ली में निवासरत जस्टिस अजय रस्तोगी मूल रूप से जयपुर के निवासी हैं।
वे राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश रह चुके हैं और उन्हें विधि एवं न्याय क्षेत्र में चार दशक से अधिक का अनुभव प्राप्त है।
18 जून 1958 को जन्मे जस्टिस रस्तोगी ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम. और एल.एल.बी. की पढ़ाई पूरी की तथा वर्ष 1982 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।
उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में संवैधानिक, सेवा और श्रम कानून से जुड़े मामलों में वकालत की।
करीब दो दशक की सफल वकालत के बाद उन्हें 2 सितंबर 2004 को राजस्थान हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 1 मार्च 2018 को वे त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
2 नवंबर 2018 को जस्टिस अजय रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। लगभग पांच वर्षों तक सर्वोच्च न्यायालय में सेवाएं देने के बाद वे 17 जून 2023 को सेवानिवृत्त हुए।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 158 महत्वपूर्ण फैसले लिखे और कई ऐतिहासिक संवैधानिक मामलों की पीठ का हिस्सा रहे।
जल्लीकट्टू प्रथा, व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से बाहर करने तथा इच्छामृत्यु के अधिकार जैसे ऐतिहासिक मामलों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विशेष बात यह भी रही कि सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस अजय रस्तोगी ने किसी भी पद को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने RCA के लोकपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
