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पंचायत चुनाव को लेकर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज, मुख्य मामले में फैसला हैं सुरक्षित

Rajasthan High Court Defers Hearing in Panchayat and Municipal Election Case, Next Hearing on May 26

जयपुर। राज्य में पंचायत और निकाय चुनाव समय पर नहीं कराने के मामले में पूर्व विधायक संयम लोढा की अवमानना याचिका पर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.

जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल और जस्टिस अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ इस अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगी.

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर अदालती आदेंशो की पालना नहीं करने का आरोप लगाया हैं.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार और चुनाव आयोग जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं, जो हाईकोर्ट के आदेश की सीधी अवमानना है।

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक कराए जाएं।

साथ ही परिसीमन की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी करने के आदेश भी दिए गए थे।

इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान भी उच्चतम न्यायालय ने चुनाव समय सीमा को बरकरार रखने की बात कही थी।

अब इस अवमानना याचिका के जरिए यह मुद्दा एक बार फिर न्यायालय के समक्ष आ गया है, जिससे राज्य में चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यवाही को लेकर नई बहस छिड़ने की संभावना है।

हाईकोर्ट जता चुका हैं नाराजगी

हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट राज्य में पंचायत और निकाय चुनावों में लगातार हो रही देरी को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर गंभीर नाराजगी जताई है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने चुनाव टालने के लिए सरकार द्वारा दिए गए कारणों पर तीखे सवाल उठाते हुए मुख्य मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।

याचिकाकर्ता का पक्ष

प्रदेश में पिछले करीब डेढ़ वर्ष से पंचायत और निकाय चुनाव नहीं हो पाए हैं, जिससे लाखों मतदाता अपने संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित हैं। इस बीच कई स्थानों पर प्रशासकों के जरिए स्थानीय निकायों का संचालन किया जा रहा है, जिसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव नहीं होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनता के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है।

संयम लोढा, याचिकाकर्ता

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