जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बढ़ती ईंधन खपत और सादगी उपायों को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
हाईकोर्ट ने घोषणा की है कि 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच की अदालतों में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी।
रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए कहा गया हैं कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के बाद लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्रा कम करने और सादगी उपाय अपनाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने यह अहम पहल शुरू की है।

नोटिस के मुताबिक, जोधपुर और जयपुर बार एसोसिएशनों से चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।
अदालतों की कार्यवाही संबंधित कोर्ट रूम से ही होगी, लेकिन पक्षकारों और अधिवक्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि अधिवक्ता और अन्य संबंधित व्यक्ति वर्चुअल हियरिंग को अपनाकर अदालतों तक होने वाली अनावश्यक यात्रा को कम करें। साथ ही वाहन साझा (पूलिंग) जैसी व्यवस्था अपनाकर ईंधन बचाने की अपील भी की गई है।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि फिजिकल हियरिंग पर कोई रोक नहीं है।
यानी जो वकील या पक्षकार व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना चाहते हैं, वे पूर्व की तरह कोर्ट में पेश हो सकेंगे।
हाईकोर्ट प्रशासन ने इस आदेश की प्रतियां सुप्रीम कोर्ट, राज्य सरकार, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों और न्यायिक अधिकारियों को भेज दी हैं।