जयपुर,25 अगस्त। शादी से पूर्व युवती को दुष्कर्म की धमकी देने के आरोपी की कॉल डिटेल कोर्ट में पेश करने के आदेश के बाद भी राजगढ़ एसएचओं ने इस आदेश की पालना नहीं की.
नाराज हाईकोर्ट ने सोमवार को कोर्ट में पेश हुए राजगढ एसएचओं को गिरफतार कर जेल भेजने के लिए आदेश दिए.
जस्टिस अशोक कुमार जैन के मौखिक आदेश पर कोर्ट में मौजूद चालानी गार्ड कोर्टरूम में पहुंचे.
कोर्ट ने एसएचओं से कहा कि वे अपनी वर्दी उतारे और अपने लिए अलग कपड़ो की व्यवस्था करें.
चालानी गार्ड के कोर्ट में आने पर एसएचओं राजगढ ने हाईकोर्ट से माफी मांगते हुए अपनी गलती सुधारने का अंतिम मौका देने का अनुरोध किया.
हाईकोर्ट ने अब इस मामले में जांच अधिकारी और एसएचओं को कल सुबह न्यायालय समय शुरू होने के साथ ही कोर्ट आदेश की पालना करने के आदेश दिए हैं.
क्या हैं मामला..
अधिवक्ता बाबूलाल बैरवा के अनुसार पीड़िता ने आरोपी शंकरलाल पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था. बाद में आरोपी ने पीड़िता का विवाह तय होने पर पीड़िता के मंगेतर को भी फोन कर जान से मारने की धमकी दी. जिसने चलते उसके मंगेतर ने विवाह करने से इंकार कर दिया.
मामले में कोर्ट ने आरोपी द्वारा पीड़िता के मंगेतर को जिन नंबरो से धमकी दी थी उसकी कॉल डिटेल निकालने के आदेश दिए थे
कोर्ट के आदेश के बाद भी एसएचओं राजगढ राजेश कुमार ने कॉल डिटेल और हिस्ट्री पेश नहीं की.
पूर्व में भी जस्टिस अनिल उपमन की एकलपीठ ने 12 अगस्त के आदेश से कॉल डिटेल निकालकर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे.
कोर्ट के आदेशो की पालना नहीं करने पर सोमवार को जस्टिस अशोक जैन की एकलपीठ ने मामले को गंभीरता से लिया.
बैरवा ने अदालत को बताया कि जांच अधिकारी ने आरोपी को ना केवल बचाने बल्कि बरी कराने के लिए अनुसंधान किया हैं.
शादी टूटी, आनन फानन में दूसरी जगह हुआ विवाह
आरोपी कि धमकी के चलते दुष्कर्म पीडिता का अपने मंगेतर से विवाह नहीं हो पाया. मंगेतर ने आरोपी शंकरलाल के फोन के अपनी मंगनी को तोड़ दिया.
मामले में पीड़िता ने इस मामले में पुलिस में मामला दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपी द्वारा जिस नंबर का प्रयोग किया गया, उसकी डिटेल ही नहीं निकाली.