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भवन की मरम्मत पर मूल लागत के 50 प्रतिशत से ज्यादा खर्च हो तो ध्वस्तीकरण बेहतर-IIT प्रोफेसर का तर्क

Rajasthan High Court Dome Safety Crisis: Top Officials and IIT Bombay Experts to Appear Before Court

राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन में आई खामियों पर सुनवाई जारी; 21 मीटर ऊंचे डोम की सुरक्षा को लेकर आला अधिकारी और IIT बॉम्बे के विशेषज्ञ कोर्ट में मौजूद

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के नए भवन में सामने आई संरचनात्मक खामियों और करीब 21 मीटर ऊंचे डोम की सुरक्षा को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण और गंभीर टिप्पणी सामने आई है।

सुनवाई के दौरान मौजूद आईआईटी के प्रोफेसर ने भवनों की मरम्मत और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर बड़ा तर्क रखते हुए कहा कि यदि किसी बिल्डिंग की मरम्मत और रखरखाव का खर्च उसकी मूल लागत के 50 प्रतिशत से अधिक हो जाए तो उनकी सलाह में ऐसे भवन को ध्वस्त किया जाना उचित होगा।

राजस्थान हाईकोर्ट में नए भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर लगातार सुनवाई जारी है। जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है।

मरम्मत या ध्वस्तीकरण? हाईकोर्ट में उठा बड़ा सवाल

सुनवाई के दौरान आईआईटी के प्रोफेसर ने भवन की मरम्मत और रखरखाव की लागत को लेकर अपना तकनीकी पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि जब किसी भवन को सुरक्षित बनाए रखने और उसके रखरखाव पर होने वाला खर्च उसकी मूल लागत के 50 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच जाए, तो ऐसे मामलों में लगातार मरम्मत कराने के बजाय भवन को ध्वस्त करना अधिक उचित विकल्प हो सकता है।

यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन की संरचनात्मक स्थिति और उसके विशाल डोम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।

डोम की सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब 21 मीटर ऊंचे डोम की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया था।

कोर्ट ने राज्य के आला अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे।

कोर्ट के आदेश की पालना में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) प्रवीण कुमार समेत संबंधित अधिकारी कोर्ट में मौजूद हैं। इसके अलावा IIT बॉम्बे के प्रतिनिधि और भवन की संरचनात्मक स्थिति का परीक्षण करने वाले विशेषज्ञ भी सुनवाई में मौजूद हैं।

करोड़ों के नए भवन की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

नए हाईकोर्ट भवन में सामने आई तकनीकी और संरचनात्मक खामियों को लेकर चल रही इस सुनवाई ने करोड़ों रुपये की लागत से बने भवन की गुणवत्ता और दीर्घकालिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब आईआईटी प्रोफेसर की इस टिप्पणी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि क्या भवन की मरम्मत कर उसे सुरक्षित बनाया जा सकता है या भविष्य में किसी बड़े और कठोर निर्णय की आवश्यकता पड़ेगी?

फिलहाल मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट में जारी है और अधिकारियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों के जवाब के बाद कोर्ट भवन और डोम की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकता है।

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