7 साल पुराने करोड़ों के भवन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल, IIT बॉम्बे ने जताई चिंता
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के नए भवन के करीब 21 मीटर ऊंचे डोम की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर आज राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.
मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने आज, 24 अगस्त को राज्य के आला अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए थे।
आज की सुनवाई में पुलिस महानिदेशक (DG) आनन्द श्रीवास्तव और अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) प्रवीण कुमार समेत संबंधित अधिकारी कोर्ट के समक्ष पेश होंगे। इसके अलावा IIT बॉम्बे के प्रतिनिधि और भवन की संरचनात्मक स्थिति का परीक्षण करने वाले विशेषज्ञों की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने डोम और पूरे भवन परिसर की सुरक्षा स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्वप्रेणा प्रसंज्ञान लिया था.
जिस पर अब कोर्ट रेगुलर सुनवाई कर रहा हैं. पूर्व में सुनवाई के दौरान पेश कि गयी रिपोर्टों में डोम की संरचनात्मक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भवन का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा संवेदनशील पाया गया है, जबकि रीबार में जंग और कंक्रीट में दरारें भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
संभावित खतरे को देखते हुए डोम क्षेत्र को बैरिकेड कर वहां प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही 24 घंटे निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिसंबर 2019 में उद्घाटन के बाद से ही नए हाईकोर्ट भवन में निर्माण गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
अब महज सात साल में भवन की पहचान बन चुका विशाल डोम ही सुरक्षा चिंता का कारण बनने के बाद सरकार और संबंधित निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आज की सुनवाई में अधिकारियों और विशेषज्ञों के जवाब के बाद हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर आगे की कार्रवाई पर महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना है।
11: 10 AM
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, PWD के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी राजस्थान हाईकोर्ट में पेश हुए।
RSRDC के अध्यक्ष एमडी और कार्यकारी एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी भी हाईकोर्ट पहुंचे।
