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नया जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल तैयार, फिर सुबह-रात की उड़ानें क्यों नहीं? राजस्थान हाईकोर्ट ने एयरलाइंस से 2 हफ्ते में मांगा जवाब

Rajasthan High Court Says Probation Cannot Bar Transfer, Orders Junior Assistant to Join New Posting Immediately

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर एयरपोर्ट पर सुबह जल्दी और देर रात उड़ानों का संचालन शुरू नहीं हो पाने के मामले में एयरलाइंस से जवाब मांगा है।

दरअसल, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने हाईकोर्ट को बताया कि जोधपुर का नया एयरपोर्ट टर्मिनल पूरी तरह काम करने की स्थिति में है और अब सुबह-रात उड़ानों के संचालन में कोई दिक्कत नहीं है।

इसके बाद हाईकोर्ट ने AAI की ओर से दाखिल शपथपत्र की कॉपी सभी संबंधित एयरलाइंस और याचिकाकर्ता को देने के निर्देश दिए हैं। एयरलाइंस को शपथपत्र पर 2 हफ्ते में जवाब दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को होगी।

जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की बेंच ने लिब्रा इंडिया बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य मामले की सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर माथुर, दिव्या बापना और हर्षवर्धन थानवी पेश हुए, जबकि AAI की ओर से सीनियर एडवोकेट राजदीपक रस्तोगी के साथ देवेश यादव और वैभव भंसाली ने पक्ष रखा।

7 जुलाई के निर्देश के बाद AAI ने एयरलाइंस को भेजे पत्र

जोधपुर एयरपोर्ट से सुबह और देर रात उड़ानों की उपलब्धता का मामला पहले से राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहा है।

इसी मामले में पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने 7 जुलाई 2026 को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एयरलाइंस से संपर्क करने के निर्देश दिए थे।

AAI की ओर से सीनियर एडवोकेट राजदीपक रस्तोगी ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में सभी एयरलाइंस कंपनियों से संपर्क किया गया है।

AAI ने सभी एयरलाइंस को पत्र भेजकर बताया कि जोधपुर का नया एयरपोर्ट टर्मिनल पूरी तरह तैयार और काम करने की स्थिति में है। इसलिए सुबह जल्दी और देर रात उड़ानों के संचालन में टर्मिनल की ओर से कोई परेशानी नहीं है।

AAI ने एयरलाइंस को भेजे गए पत्रों और की गई कार्रवाई की जानकारी शपथपत्र के जरिए हाईकोर्ट में भी पेश की है।

‘एयरलाइंस की ओर से अभी तक नहीं आया जवाब‘

AAI की ओर से कोर्ट को बताया गया कि एयरलाइंस कंपनियों को जानकारी भेजने के बावजूद अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

यानी AAI ने अपनी तरफ से एयरलाइंस को सुबह और देर रात उड़ान संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन एयरलाइंस का पक्ष अभी रिकॉर्ड पर आना बाकी है।

सुनवाई के दौरान AAI की ओर से बताया गया कि एयरलाइंस को भेजे गए पत्रों और इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी शपथपत्र के जरिए हाईकोर्ट के रिकॉर्ड पर रख दी गई है।

एयरलाइंस ने कहा- पहले AAI का शपथपत्र दिया जाए

सुनवाई के दौरान एयरलाइंस की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि उन्हें AAI की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल शपथपत्र की कॉपी अभी नहीं मिली है।

उन्होंने कोर्ट से शपथपत्र की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि उसे देखने के बाद एयरलाइंस की ओर से मामले में अपना जवाब दाखिल किया जा सके।

अब एयरलाइंस को 2 हफ्ते में जवाब देना होगा

इस पर हाईकोर्ट ने AAI की ओर से कोर्ट में दाखिल शपथपत्र की कॉपी एयरलाइंस के सभी संबंधित वकीलों और याचिकाकर्ता को
उसी दिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हाईकोर्ट ने एयरलाइंस के वकीलों को शपथपत्र मिलने के बाद 2 हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद मामले को 27 अक्टूबर 2026 को फिर सुनवाई के लिए रखा गया है।

यानी अगली सुनवाई तक एयरलाइंस को यह स्पष्ट करना होगा कि नए टर्मिनल के पूरी तरह तैयार होने के बाद भी सुबह जल्दी और देर रात उड़ानों के संचालन को लेकर उनकी क्या स्थिति है।

अभी उड़ान शुरू करने का आदेश नहीं, सिर्फ जवाब मांगा

इस सुनवाई में हाईकोर्ट ने एयरलाइंस को तुरंत सुबह या देर रात उड़ान शुरू करने का कोई सीधा आदेश नहीं दिया है। फिलहाल कोर्ट ने AAI का शपथपत्र एयरलाइंस को उपलब्ध कराने और उनका जवाब लेने के निर्देश दिए हैं।

अब एयरलाइंस को शपथपत्र मिलने के बाद 2 हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करना है। इसके बाद 27 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट मामले पर आगे विचार करेगा।

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