जोधपुर, 9 सितंबर
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने राज्य के आयुर्वेद विभाग से जुड़े कार्मिको विशेष ऐप के जरिए उपस्थिती दर्ज कराने के मामले में बड़ी राहत दी हैं.
जस्टिस डॉ नुपूर भाटी की बैंच आयुर्वेद मेडिकल एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष एप से उपस्थित दर्ज नही कराने वाले कार्मिको के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नही करने के आदेश दिए हैं.
हाईकोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार और आयुर्वेद विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं.
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गजेन्द्रसिंह चारण की ओर से अधिवक्ता गोपाल सांदू ने याचिका दायर कर अदालत को बताया कि एसोसिएशन के सदस्यों को फील्ड वर्क करना आवश्यक है जिससे वे नियमित रूप से राजएसएसओ-एएमएस ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज नही कर पाते है.
याचिका में कहा गया कि एसोसिएशन के सदस्यों को डिस्पेंसरी के निरीक्षण के लिए हर महीने कम से कम 10 दिनों का कार्यक्रम भी बनाना आवश्यक है और इसी कारण उन्हें फील्ड में उपस्थित रहना पड़ता है.
याचिका में कहा गया कि विशेष ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कार्मिको को अपने कार्यालय से 200 मीटर भौतिक दूरी के अन्दर रहना आवश्यक है. अन्यथा विशेष ऐप को उनकी उपस्थिति का पता नही चलेगा.
कोर्ट को यह भी बताया गया कि विशेष ऐप कार्मिको के निजता के अधिकार का भी उल्लंघन करता है। यह ऐप केवल उपस्थिति दर्ज कराने के दायरे और उद्देश्य से कहीं आगे जाता है क्योंकि यह व्यावहारिक रूप से पूरे वर्ष अधिकारी की 24 घंटे गतिविधियों पर नज़र रखता है भले ही वे ड्यूटी पर न हों और
अपने परिवार के साथ हों.
याचिका में पूर्व में पशु चिकित्सा चिकित्सक संघ बनाम राजस्थान मामले में दिए गए अंतरिम आदेश का भी हवाला दिया गया.
बहस सुनने के बाद अदालत ने प्रमुख सचिव आयुर्वेद, निदेशक आयुर्वेद निदेशालय को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है.
हाईकोर्ट ने इसके साथ ही विशेष ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले कार्मिको के खिलाफ किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए हैं.
के किसी भी कथित उल्लंघन से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रकार के बलपूर्वक कदम नहीं उठाएंगे। याचिकाकर्ता के सदस्यों को रिपोर्टिंग के अन्य तरीकों का उपयोग करने की अनुमति होगी। संघ के वे सदस्य जो कार्यालय में रहते हुए ऐप का उपयोग करने में सक्षम हैं उन्हे ऐप के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज करानी होगी।